खबर है कि रीवा सहित आसपास के क्षेत्रों में किसान खाद के लिए 24 से 48 घंटे तक लाइन में खड़े रहे। करहिया मंडी में सैकड़ों किसान रातभर लाइन में जमे रहे। लेकिन बीती शाम को काउंटर बंद कर दिया गया। नाराज किसानों ने विरोध जताया तो हालात बिगड़ गए। गुढ़, त्योंथर, जवा, मनगवां व सेमरिया में भी एक किलोमीटर लंबी कतारें लगीं। किसान धूप-गर्मी की परवाह किए बिना खड़े रहे। उनका कहना है कि कई दिनों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिलने से फसलें सूखने लगी हैं। किसानों ने आरोप लगाए कि कई जगहों पर खाद की कालाबाजारी हो रही है। खाद या तो ज्यादा दाम पर बेची जा रही है या फिर खास किसानों को ही दी जा रही है। सामान्य किसान खाली हाथ लौट रहे हैं। 48 घंटे लाइन लगाने के बाद भी खाद नहीं मिल रही, जिससे बुआई प्रभावित हो रही है। कई समितियों में खाद खत्म हो गई है। जहां उपलब्ध है वहां किसानों को 10-12 घंटे खड़े रहने के बाद भी निराश लौटना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि रीवा में किसानों को लाठी मारी जा रही है। आखिरकार खाद मांग कर किसान कौन सा अपराध कर रहे हैं। अगर खाद नहीं देना है तो किसानों को बता देना चाहिए।
कलेक्टर ने कहा पर्याप्त स्टॉक है-
इधर कलेक्टर प्रतिभा पाल का कहना है कि पर्याप्त खाद का स्टॉक मौजूद है और वितरण पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं के जरिए खाद बांटा जा रहा है। वहीं अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी व एसडीएम वैशाली जैन ने बताया कि कृषि उपज मंडी रीवा में किसानों को छाया, पानी व ओआरएस पैकेट भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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