बताया गया है कि जिन 8 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, उनमें देवास, सीहोर, हरदा, खंडवा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा व पांढुर्णा शामिल हैं। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। वहीं भारी बारिश के यलो अलर्ट वाले 18 जिलों में इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला व बालाघाट शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है। गौरतलब है कि पिछले दिन प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। भोपाल, सिवनी व शिवपुरी में तेज बारिश हुई। दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, खरगोन, पचमढ़ी, खजुराहो, मंडला, रीवा, सागर, सीधी, शाजापुर, टीकमगढ़, सीहोर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़ सहित कई जिलों में हल्की बारिश हुई। शाजापुर जिले के अकोदिया में भारी बारिश के बाद खारसौदा मार्ग की पुलिया डूब गई। यहां आवागमन बंद हो गया। एक स्कूल बस भी फंस गई। निचली बस्तियों में पानी भर गया।
मध्यप्रदेश से गुजर रही मानसून ट्रफ
मौसम विशेषज्ञों की माने तो प्रदेश से दो ट्रफ गुजर रही हैं। इनमें से एक मानसून ट्रफ है। जिसके चलते सिस्टम की आज भी एक्टिविटी रहेगी। जिससे कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।
अब तक 38 इंच से ज्यादा पानी गिरा-
मध्यप्रदेश में अब तक 38.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 104 प्रतिशत है। जबकि अब तक 31.5 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।