
नई दिल्ली. उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। मदर डेयरी ने अपने उत्पादों की कीमतों को घटाने का ऐलान किया है। यह ऐलान उन उत्पादों की कीमतों से जुड़ी हैं, जिनकी कीमतें जीएसटी कानून में घोषित सुधारों के तहत 22 सितंबर से प्रभावित होने वाली हैं।
मदर डेयरी ने कहा है कि वह सरकार की ओर से वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) 2.0 में किए गए बड़े बदलावों के बाद इससे प्रभावित अपने सभी डेयरी और खाद्य उत्पादों की कीमतों में कटौती कर रही है। देश के प्रचलित डेयरी ब्रांड ने बताया है कि नई कीमतें 22 सितंबर से लागू होंगी।
सरकार की घोषणाओं के बाद यूएचटी दूध, पनीर, घी, मक्खन, चीज़ और मिल्कशेक जैसे प्रमुख डेयरी उत्पादों की कीमतों में कमी होनी है। इन उत्पादों पर जीएसटी को 5-18 प्रतिशत से घटकर 0-5 प्रतिशत कर दी गई हैं। उदाहरण के लिए, 1 लीटर यूएचटी दूध (टेट्रा पैक) अब 77 रुपये से घटकर 75 रुपये का हो जाएगा। वहीं, 500 ग्राम मक्खन 305 रुपये से घटकर 285 रुपये का हो जाएगा। इसी तरह, मदर डेयरी की आइसक्रीम और सफल के प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ भी सस्ते होंगे। चोको वनीला कोन और केसर पिस्ता कुल्फी जैसी आइसक्रीम 5-10 रुपये तक सस्ती हो गई हैं। वहीं फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज, आलू टिक्की और पैकेज्ड नारियल पानी जैसे सफल के उत्पादों की कीमतों में 5 रुपये से 15 रुपये तक की कमी आएगी।
ये मिल्क प्रोडक्ट पहले से ही GST से हैं मुक्त
रोजाना इस्तेमाल होने वाला पैकेटबंद दूध जैसे फुल क्रीम दूध, टोन्ड दूध, गाय का दूध, आदि हमेशा से ही जीएसटी मुक्त रहेंगे और आगे भी इन कोई जीएसटी देय नहीं होगा। ऐसे में ताजा बदलावों से इनके अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। मदर डेयरी के प्रबंध निदेशक मनीष बंदलिश ने कहा कि डेयरी और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की एक विस्तृत शृंखला पर जीएसटी में हालिया कटौती एक प्रगतिशील कदम है। इससे खपत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और सुरक्षित, उच्च-गुणवत्ता वाले पैकेज्ड उत्पादों को अपनाने में तेजी आएगी।
उन्होने कहा, हम इस सुधार की भावना को ध्यान में रखते हुए, 22 सितंबर, 2025 से अपने ग्राहकों को 100 प्रतिशत कर लाभ दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस बदलाव के साथ कंपनी का पूरा पोर्टफोलियो अब या तो छूट/शून्य या 5 प्रतिशत के सबसे निचले स्लैब में आ गया है। कुछ दिन पहले ही देश के सबसे लोकप्रिय डेयरी ब्रांडों में से एक, अमूल ने साफ किया था कि 22 सितंबर से पाउच दूध की कीमतों में कोई कमी नहीं होगी, क्योंकि इस पर पहले से ही शून्य प्रतिशत जीएसटी लगता है।