लूट के पीछे की कहानी सोना खरीदी से जुड़ी है। लूट की वारदात की शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आज सुबह पुलिस ने दो लुटेरों को हिरासत में लेकर लूटा गया पैसा और सामान जब्त कर लिया। एक टूर के दौरान छत्तीसगढ़ के रायपुर में पदस्थ ट्रैफिक कॉन्स्टेबल मयंक खूटे की पहचान खंडवा के पारदी गैंग के सदस्य से हुई थी। उसने कॉन्स्टेबल को घर की खुदाई में सोना मिलने की बात बताई और एक किलो सोने को सस्ते में खरीदने के लिए कॉन्स्टेबल को खंडवा बुलाया। कॉन्स्टेबल अपने भाई और एक अन्य कर्मचारी के साथ खंडवा पहुंचे। उन्हें सोना लेने के लिए हरदा जिले की सीमा से सटे हरसूद क्षेत्र में बुलाया गया। यहां पारदी गैंग के चार लोगों ने कॉन्स्टेबल को सोना नहीं दिया लेकिन उनके पास 17 लाख रुपए से भरा बैग लूट लिया। इसके बाद आरक्षक व उसके भाई व साथी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। घटना के बाद कॉन्स्टेबल और उनके साथियों ने पहले खुद पारदी गैंग की तलाश की, फिर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। कॉन्स्टेबल के मुताबिक लुटेरों के साथ उन्होंने एक ढाबे पर भोजन किया था। पुलिस ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरे और कॉल डिटेल्स की मदद से बदमाशों की पहचान की। आज अलसुबह तक पारदी गैंग के चारों सदस्यों को हिरासत में लिया गया। पारदी गैंग के सदस्यों में युवराज उर्फ सेवकराम पिता रामराणा निवासी ग्राम भीलखेड़ी पिपलोद और शबनम पिता सापीलाल ग्राम बेडियाव शामिल हैं। उनके कब्जे से 17 लाख रुपए नकदए मोबाइल और एटीएम कार्ड बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार फिलहाल दो फरार चल रहे हैं। जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पहले पैसे लिए, सोना मांगा तो लाठी लेकर पीटने दौड़े
लुटेरों ने कॉन्स्टेबल और उनके साथ आए भाई और साथी को विश्वास में लिया। कहा कि पहले आपको पैसा देना होगा, उसके बाद हम आपको सोना देंगे। एक किलो सोने के बदले फिलहाल 17 लाख रुपए देने का समझौता हुआ था। बाकी राशि सोना बेचने के बाद तय करनी थी। जैसे ही कॉन्स्टेबल ने रुपए से भरा बैग दिखाया तो पारदी गैंग के सदस्य लाठियां लेकर उन पर टूट पड़े। कॉन्स्टेबल और उनके साथी जान बचाने के लिए भागे, तभी पारदी गैंग रुपए भरा बैग लूटकर फरार हो गए।
झारखंड यात्रा के दौरान हुई थी मुलाकात-
पुलिस पूछताछ में कॉन्स्टेबल मयंक खूटे ने बताया कि पिछले महीने झारखंड में पारदी गैंग के सरगना युवराज को मेरे भाई की दुकान पर काम करने वाला अजय परिहार मिला था। युवराज उर्फ सेवकराम ने उसे बताया कि उसके पास गढ़ा धन हैं। इनमें सोने के सिक्के हैं, जो एक किलो हैं। बाद में कर्मचारी ने कॉन्स्टेबल के भाई को जानकारी दी। उन्होंने युवराज से संपर्क कर सोने का सैंपल मंगवाया। युवराज ने कॉन्स्टेबल के भाई को विश्वास में लेने के लिए एक सोने का टुकड़ा दिया। जिसकी जांच कराई तो वह 24 कैरेट का पाया गया। सेवकराम ने दावा किया कि उसके घर की खुदाई में सोना निकला है। कुछ सोना बेचकर वह उन पैसों से घूमने निकल आए हैं। बाकी एक किलो सोना घर पर रखा है। आप चाहों तो सस्ते दाम में खरीद लो।