शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश)। यूपी के शाहजहांपुर में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, यहां एक नवजात बच्ची को जिंदा दफना दिया गया. लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था. एक चरवाहे की सूझबूझ और तत्परता ने इस मासूम की जिंदगी बचा ली.
यह हृदय विदारक वाली घटना रविवार को शाहजहांपुर के बहगुल नदी पुल के पास की है. बकरियां चरा रहे दुब्लू नाम के एक चरवाहे ने मिट्टी के एक टीले से आती हुई एक कमजोर रोने की आवाज सुनी. आवाज सुनकर वह टीले के पास गया तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं. उसने देखा कि मिट्टी से एक नन्हा सा हाथ बाहर निकला हुआ था. वह हाथ खून से लथपथ था, उस पर चींटियां रेंग रही थीं और वह कमजोर तरीके से हिल रहा था. दुब्लू ने बताया, मुझे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था. मैंने तुरंत शोर मचाया और देखते ही देखते गांव के लोग वहां इक_ा हो गए. हमने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी.
पुलिस ने निकाला मिट्टी से बाहर
पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर बहुत सावधानी से बच्ची को मिट्टी से बाहर निकाला. बच्ची का पूरा शरीर मिट्टी से सना हुआ था और उसकी हालत बेहद नाजुक थी. एक स्थानीय निवासी राकेश कुमार ने बताया, बच्ची को तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उसे आपातकालीन उपचार दिया गया. उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया.
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार ने बताया, यह बच्ची करीब 10-15 दिन की लग रही है. जब उसे लाया गया तो वह बहुत कमजोर थी और उसके हाथ में गंभीर चोटें थीं, जिसे चींटियों ने बुरी तरह से काट लिया था. हाथ से खून बह रहा था. उन्होंने आगे बताया, बच्ची को फिलहाल नवजात गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया है और उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.
सीसीटीवी से गुनाहगारों की हो रही तलाश
पुलिस के मुताबिक, बच्ची को करीब एक फुट की गहराई में दफनाया गया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि उसे सांस लेने के लिए जानबूझकर थोड़ी हवा की जगह छोड़ी गई थी. जांचकर्ताओं का मानना है कि बच्ची को जानबूझकर छोड़ा गया था. पुलिस अब बहगुल नदी सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि इस जघन्य कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा सके.
