नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान (205 मीटर) के ऊपर 206 मीटर पर बह रही है। जिसका कारण है कि हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। दिल्ली में निचले इलाकों से 10 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया है। कई इलाकों में घुटने से ऊपर तक पानी भरा है। स्कूलों को ऑनलाइन क्लास के आदेश हैं।
हरियाणा में झज्जर, हिसार, यमुना नगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला सहित अन्य जिलों के 200 से ज्यादा स्कूल बंद हैं। पंजाब के अमृतसर, पठानकोट, फिरोजपुर, बठिंडा सहित 23 जिलों में अब भी बाढ़ के हालात हैं। 1400 गांवों के 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। आपदा में अब तक 30 लोगों की मौत हो गई है। उत्तर प्रदेश के 20 शहरों में तेज बारिश से हालात बिगड़े हैं। नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) में जगह&जगह पानी भरा हुआ है। मथुरा में यमुना में बाढ़ है। बांके बिहारी मंदिर से यमुना का पानी केवल 400 मीटर दूर है। यहां 900 परिवार प्रभावित हैं। आगरा में यमुना का पानी ताजमहल की बाउंड्री तक पहुंच गया है।
हिमाचल प्रदेश में 1300 से ज्यादा सड़कें बंद-हिमाचल प्रदेश में भी हालात बिगड़े हुए है यहां पर 1300 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। पिछले 24 घंटे में 8 लोगों की मकान गिरने और लैंडस्लाइड में मौत हुई। राज्य के 7 जिलों में स्कूल-कॉलेजों को बंद रखा गया है। वहीं राजस्थान में दौसा के लालसोट में कच्चा बांध टूटने से जयपुर के 5 से ज्यादा गांव डूबे हैं।
दिल्ली, गांधी नगर के यमुना खदर क्षेत्र में बाढ़, जलस्तर 206.80 मीटर पर
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढऩे से गांधी नगर के यमुना खदर क्षेत्र में पानी भर गया है। अधिकारियों के अनुसार यमुना का जलस्तर 206.80 मीटर दर्ज किया गया है। बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों पर नजर बनाए हुए है।