कोटा/जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मुख्य लोको निरीक्षक (सीएलआई) द्वारा गंगापुर के दो सहायक लोको पायलटों (एएलपी) को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर लोको पायलटों में भारी आक्रोश है और उन्होंने विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस मामले की शिकायत पमरे मुख्यालय जबलपुर में भी की गई है, वहीं सीएलआई के खिलाफ प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है.
पीडि़त एएलपी महेंद्र कुमार सैनी एम और महेंद्र कुमार सैनी ने इस घटना की शिकायत वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (टीआरओ) से की है। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि वे सोमवार को गंगापुर से कोटा में कवच सिस्टम की ट्रेनिंग लेने आए थे। ट्रेनिंग के दौरान, सीएलआई आरएन मीणा उन्हें यार्ड स्थित विद्युत लोको शेड में खड़े एक इंजन के बारे में बता रहे थे।
शिकायत के अनुसार, मीणा ने उन्हें एक उपकरण (बीपी आइसोलेटिंग कॉक) के बारे में पूछा। इस पर दोनों लोको पायलटों ने बताया कि यह उपकरण इंजन की कैब नंबर दो में नहीं लगा है। यह जवाब सुनकर सीएलआई मीणा कथित तौर पर गुस्से में आ गए और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दोनों को थप्पड़ मार दिए। बाद में, जब मीणा ने खुद जाकर देखा, तो वास्तव में कैब नंबर दो में वह उपकरण नहीं मिला। बाद में पता चला कि वह उपकरण कैब नंबर एक में लगा हुआ था।
सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हुई घटना, जांच जारी
दोनों लोको पायलटों ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि यह पूरी घटना इंजन में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। इसके अलावा, मौके पर कई अन्य लोको पायलट भी मौजूद थे, जो इस घटना के गवाह हैं। अधिकारियों द्वारा मामले में जांच की बात कही जा रही है। लोको पायलट संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
