झांसी. रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। देहरादून और झांसी के दो ठगों ने मध्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को पक्की नौकरी का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ले लिए। यही नहीं इन आरोपियों ने विश्वास में लेने के लिए नौकरी भी करवाई और वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन पर उन्हें जॉइनिंग लेटर भी दिया, इसके बाद फरार हो गए। शिकायत मिलने पर पुलिस को इसकी जानकारी हुई। मध्य प्रदेश की डबरा पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश में जुट गई है।
इस संबंध में डबरा कोतवाली में झांसी के शातिर सहित दो ठगों के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। डबरा की दीदार कॉलोनी निवासी मनीष रावत ने पुलिस को बताया कि वह एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता है। उसके घर के पास ही दोस्त शिवम बंजारा रहता है। मनीष ने बताया कि करीब 10 माह पहले शिवम बंजारा ने बताया कि उसकी नौकरी रेलवे में ग्रुप डी में लग गई है। उसने आई कार्ड भी दिखाया। साथ ही कहा कि वह उसकी नौकरी भी लगवा देगा।
शिवम का संपर्क रवि तिवारी उर्फ राहुल चौहान निवासी देहरादून से हुआ था। इसके लिए शिवम ने 4.80 लाख रुपये दिए थे। मनीष ने भी रवि से मुलाकात की। 21 दिसंबर 2024 को 5 लाख रुपये लेकर उसे झांसी के वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन पर नियुक्ति पत्र दिया। रवि के साथ ही झांसी का रहने वाला सिद्धांत यादव भी मिला। इसके बाद दोनों ने निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर मिले। कहा कि नियुक्ति पत्र व कार्ड मेल से पहुंचेगा। इसके बाद दोनों चीजें उससे ले लीं। दोनों से दस लाख रुपये लेने के बाद सिद्धांत और रवि के मोबाइल बंद हो गए। जब उनके बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह दोनों डबरा के अभिषेक बंजारा, प्रदीप पवइयां निवासी ग्वालियर से भी पांच-पांच लाख रुपये ले चुके हैं। पीडि़तों की शिकायत पर पुलिस ने झांसी के सिद्धांत और देहरादून के राहुल चौहान के विरुद्ध केस दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
