जबलपुर। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह खबर प्रसारित हो रही थी कि थाना रांझी क्षेत्र के आसपास एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला बदहवास हालत में घूम रही है। लोग उसकी तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे थे। किंतु सहायता के लिए कोई आगे नहीं आया। इस संबंध में समाजसेवी दीपशिखा ने पहल कर थाना प्रभारी रांझी से संपर्क किया। विधिक प्रक्रिया के तहत माननीय न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के बाद थाना रांझी पुलिस ने महिला को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए एक टीम गठित की।
रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी ने एक रेस्क्यू टीम गठित की। जिसमें एसआई प्रियंका तिवारी, प्रधान आरक्षक सुनीता पांडे, सैनिक श्रीमती गिरिजा एवं आरक्षक मनीष पटेल शामिल रहे। आज पुलिस की टीम ने महिला को सुरक्षित रेस्क्यू कर थाना लाया। महिला स्टाफ द्वारा उसे नहलाया, नए कपड़े पहनाए गए, भोजन-जलपान कराया गया तथा स्नेहपूर्ण बातचीत कर उसकी पहचान भी की गई। जानकारी में आया कि वह मानेगांव की रहने वाली है और उसके परिवार में केवल वृद्ध माता-पिता हैं, जो देखरेख करने में असमर्थ हैं। पुलिस द्वारा उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया तथा आगे की चिकित्सा के लिए मानसिक रोग विभाग जबलपुर भेजा गया। थाना रांझी पुलिस का यह कार्य न केवल कर्तव्य पालन का उदाहरण है, बल्कि समाज में मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल भी है। जहां आमजन केवल वीडियो और फोटो साझा कर रहे थे, वहीं पुलिस ने आगे बढ़कर वास्तविक मदद कर एक मानवीय चेहरा प्रस्तुत किया।