इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं को दे रहे अंतिम रूप
जबलपुर। जाने-अनजाने में अपराध से लिप्त होकर सलाखों के पीछे पहुंचे हुनरमंद जेल बंदी अपनी कला को तराश रहे हैं। नेताजी सुभाषचंद्र बोस केन्द्रीय कारागार के भीतर इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। इन प्रतिमाओं के विक्रय के लिए जेल गेट के पास स्टॉल भी लगाया हुआ है।
केंद्रीय कारागार के जेल उप अधीक्षक मदन कमलेश ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जेल बंदियों के द्वारा श्री गणेश की प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं। ये प्रतिमाएं मिट्टी, गोबर से मिलाकर बनाई गई हैं। इसमें तुलसी के बीज भी मिलाए गए हैं, ताकि प्रतिमा विसर्जन के बाद इनसे तुलसी का पौधा पनप सके। इन प्रतिमाओं में रसायनिक रंगों की जगह प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे प्रदूषण नहीं होगा।
बंदी कल्याण कोष में जाएगी राशि
बंदियों के ़द्वारा तैयार की गई गणेश प्रतिमा से आने वाली राशि जेल बंदी कल्याण कोष में जाएगी। इस राशि का इस्तेमाल बंदियों के पुर्नवास के लिए किया जाएगा। जेल के बाहर सुबह 8 से 1 बजे तक गणेश प्रतिमा विक्रय के लिए स्टॉल लगाए जा रहे हैं।
