हैदराबाद से इलाज करवा कर लौटा था कर्मचारी नेता एसके वर्मा और कुछ घंटे बाद की आत्महत्या !

हनुमानताल तालाब से कर्मचारी नेता का शव निकलवाती पुलिस।

हनुमानताल थाने में मर्ग दर्ज, जांच करेगी सिविल लाइन पुलिस, तालाब में शव मिलने का मामला

जबलपुर। हनुमानताल तालाब के पानी में उतराते मिले डब्ल्यूसीआरएमएस के मंडल सचिव की लाश ने कई सवाल पैदा कर दिए हैं। हनुमानताल पुलिस ने मर्ग कायम करके डायरी सिविल लाइन पुलिस को सौंप दी है। अब सिविल लाइन पुलिस इस मामले की जांच करेगी। हनुमानताल पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि पानी में उतराते मिले शव की पहचान सिविल लाइन निवासी एसके वर्मा के रूप में हुई थी। वे बीमार बताए गए थे। प्रथम दृष्टया मौत का कारण अज्ञात है।

हनुमानताल थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि मृतक की शिनाख्त एसके वर्मा के रूप में की गई है। मृतक के परिजनों के मुताबिक छह माह से उनकी तबियत खराब चल रही थी। उनका इलाज भी चल रहा था। वर्मा रेलवे से रिटायर हो चुके थे। वे मानसिक रूप से परेशान थे।

कुछ घंटों पहले लौटे थे हैदराबाद से

हनुमानताल तालाब पर मौके पर पहुंची पुलिस के मुताबिक मृतक के बेटे संकल्प वर्मा ने बताया था कि उनके पिता छह माह से कुष्ठ रोग से पीड़ित थे। वे इलाज करवाकर हैदराबाद से लौटे थे। रात 9 बजे घर से निकले थे, जो फिर घर नहीं लौटे थे। दूसरे दिन सुबह उनके शव के मिलने की सूचना मिली थी।

मेरूदंड का हुआ था ऑपरेशन

डब्ल्यूसीआरएमएस के मंडल सचिव डीपी अग्रवाल का कहना है कि रिटायरमेंट के बाद वर्मा डिप्रेशन में चला गया था। छह माह पहले एसके वर्मा की मेरूदंड का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन सफल हुआ था लेकिन कुछ दिनों से ऑपरेशन की जगह पर पस फार्मेशन हो रहा था। इसकी वजह से वर्मा का इलाज हैदराबाद में किया जा रहा था। घटना दिनांक को उसने हैदराबाद से लौटकर अपने बेटे से 100 रूपए लिए थे और उसके बाद घर से निकल गया था। रात में वर्मा की काफी खोजबीन की लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। सुबह उसका शव हनुमानताल तालाब में मिलने की सूचना मिली थी।

- गुमशुदगी हमारे थाने में दर्ज की गई है। हनुमानताल से डायरी आने के बाद मामले की जांच की जाएगी।

अनूप नामदेव, थाना प्रभारी, सिविल लाइन

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