फर्जी दस्तावेजों से पाकिस्तान की ' इमराना ' बनी सरकारी शिक्षक !


50 वर्षों से भारत में रह रही थी पाकिस्तानी महिला

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की महिला फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारत में रहते हुए उसने सरकारी शिक्षिका की नौकरी हासिल कर ली थी। गृह विभाग ने छानबीन करके रिपोर्ट दी थी कि महिला का असली नाम इमराना खातून उर्फ इमराना खानम है। यह मूलतः पाकिस्तान की नागरिक है, जो 50 साल से भारत में छिपकर रह रही थी।

इमराना ने बिना भारतीय नागरिकता लिए शैक्षणिक परीक्षाएं पास की हैं। 2012 में उसकी नियुक्ति नारायणपुर प्रखंड के स्कूल में हुई थी। जिसके बाद 2013 से वे भागलपुर के राजकीय उर्दू मीडियम विद्यालय में बतोर शिक्षिका कार्यरत है।

मामले में जब अधिकारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि इमराना के खिलाफ समय-समय पर कई शिकायतें हुईं लेकिन मामला कभी इतनी गंभीर लगा ही नहीं की गहन जांच की जाए। जिसके चलते अब तक किसी भी प्रकार की बड़ी जांच को अंजाम नहीं दिया गया है।

प्रधानाध्यापक अब्दुल ने बताया कि इमराना 23 जुलाई से 16 अगस्त तक मेडिकल लीव पर थीं और 17 अगस्त को वापस लौटीं। लेकिन उनकी ऑनलाइन उपस्थिति की जांच में गड़बड़ी पाई गई। ज्यादातर फोटो एक जैसे ही थीं। तस्वीरें हमेशा ब्लैकबोर्ड के पीछे से खींची गई थीं। अटेंडेंस में बार-बार एक ही तरह की फोटो मिलने पर विभागीय अधिकारियों को यह पैटर्न संदिग्ध लगा और गहन जांच की सिफारिश की गई। जांच में पाया गया कि स्कूल में काम कर रही शिक्षिका असल में पाकिस्तान की इमराना है।

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