जबलपुर। नगर निगम की समान्य सभा की बैठक में गुरूवार को शुरू होने के कुछ ही देर बाद विपक्ष के अड़ियल रवैए से ब्रेक लग गया। विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर एक-तरफा सुनवाई किए जाने का आरोप लगाते हुए धरना दे दिया था। निगम अध्यक्ष ने बैठक कुछ समय के लिए स्थगित कर दी थी। इस मामले में महापौर जगत बहादुर अन्नू ने सफाई दी है कि सामान्य प्रस्तावों पर चर्चा किए जाने के बाद विपक्ष को अपनी दलील देने को कहा गया था, जिस पर वे उत्तेजित हो गए और उन्होंने धरना दे दिया था।
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने निगम के सभागार में दो टूक कहा है कि कांग्रेस पार्षद दल इस बैठक के माध्यम से सत्ता पक्ष़्ा के द्वारा जनता के हित में किए गए वादों पर वार्तालाप करने की कोशिश कर रहे थे तो उन्होंने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की और अपने मामलों पर बातचीत का दौर चालू कर दिया था। इससे जाहिर है कि सत्ता पक्ष को आम जनता के हितों को पूरा करने में खानापूर्ति कर रहा है। महापौर खुद की ब्रांडिंग में लगे हुए हैं।
निगम में दिए गए धरने पर महापौर अन्नू ने कहा कि सामान्य सभा की बैठक में दस मामले आम हित के हैं, जिसे हर हाल में इस पर निर्णय लिया जाना है। इसमें एक मामला ऐसा है, जिस पर निर्णय लेने के बाद उसे अदालत में पेश किया जाना है। अफसोस इस बात का है कि बैठक में विपक्ष अपने मुद्दो पर अड़ा रहा और वे महत्वपूर्ण विषयों को सुनने की बजाय वह अपनी पर रहा। महापौर का कहना था कि बैठक में पहले सामान्य सभा के विषयों पर चर्चा की जाए, उसके बाद विपक्ष के सारे विषयों पर चर्चा कर उनका निदान किया जाएगा, लेकिन उसके बाद भी विपक्ष ने नहीं सुनी और अपनी बात पर अड़ा रहा। विपक्ष ने धरना दे दिया। इससे जाहिर हो रहा है कि विपक्ष किसी न किसी बात पर यह सोच रहा है कि शहर विकास पर कहीं न कहीं चूक हो जाए।