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मध्यप्रदेश में 4 मेडिकल कालेज खुलेंगे, सिंगरौली-श्योपुर को मिली 100-100 सीटें, जेपी नड्डा बोले, पहले हेल्थ पालिसी ऐसी थी कि बीमार होने दो फिर इलाज करो

 

जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक सूचना केंद्र में आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेज की शुरुआत के लिए एमओयू साइन किए हैं। पीपीपी मॉडल पर धार, बैतूल, पन्ना व कटनी में नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे।
     वहीं श्योपुर व सिंगरौली मेडिकल कॉलेजों का ई-लोकार्पण किया है। श्योपुर में 305 करोड़ और सिंगरौली में 242 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज बने हैं। दोनों मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 100-100 सीटें मिलीं है। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि चार मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मोड में प्रारंभ करने वाले हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। मध्यप्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नेतृत्व प्रदान कर रहा है। एक समय में यहां 5 मेडिकल कॉलेज होते थे। अब 17 शासकीय व 13 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज खुले हैं। अब 4 और खुलने जा रहे हैं। स्वास्थ्य के बारे में बहुत चर्चा होती है। सामान्यत  लोगों को स्वास्थ्य के बारे में तभी पता चलता है जब उसके अस्पताल के चक्कर लगते हैं। पहले हेल्थ पॉलिसी ऐसी थी कि बीमार होने दो फिर इलाज करो। 2017 में नई हेल्थ पॉलिसी बनी। यह सभी आयामों को एक साथ जोड़ती थी। हमने पहली बार जोर दिया कि व्यक्ति बीमार ही न हो। इसके तहत हमने काम शुरू किया। आपने देखा होगा कि फिट इंडिया मूवमेंटए मोटापा से छुट्टी पाओ वगैरह।

हम 5 करोड़ माताएं व बच्चों को ट्रैक कर रहे हैं-

जेपी नड्डा ने कहा कि आयुष्मान में डेंटल, मेंटल, सर्विक्स कैंसर, हाइपरटेंशन, ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग शुरू की। मैं एक बात और शेयर करना चाहता हूं कि 2 करोड़ बच्चे साल में पैदा होते हैं। सवा दो करोड़ के आसपास माताएं प्रेग्नेंट होती है। यानी हम 5 करोड़ माताएं और बच्चों को ट्रैक करने का काम कर रहे हैं।

सीएम बोले, एक साथ 200 सीट बढऩा सपने की तरह-

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि सिंगरौली नाम है। आप शहर के शहर को ढूंढोगे तो मुझे नहीं लगता कि आपको सफलता मिलेगी। आपने ऐसे स्थान पर भी मेडिकल कॉलेज मंजूर कर दिया। यह आदिवासियों के प्रति आपकी सद्भावना है। ऐसे ही श्योपुर की आबादी एक लाख भी नहीं होगी। लेकिनए छोटे-छोटे स्थान पर आदिवासियों भाईयों के लिए यह कर दिया। आदिवासी भाई-बहन कोई कही भी हो उसके जीवन में कोई कष्ट आए तो हमारी सरकार पहले खड़ी है। ये कॉलेज उसी का परिणाम है। एक साथ 200 सीटें मेडिकल कॉलेज की बढऩा एक सपने की तरह है। 2002-03 तक केवल 5 मेडिकल कॉलेज मिले थे। प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एक सपना था। अब एक-एक बीमारी को छांट-छांट कर चिकित्सा की व्यवस्था की है। 5 लाख तक का इलाज तो वास्तव में आश्चर्य की बात है।

5 मेडिकल कालेज एक साल के अंदर चालू किए गए है-

मुख्यमंत्री ने कहा कि 70 साल से ऊपर कोई भी जाति समाज का हो उसका बीमा से इलाज हो रहा है। अगर चुनाव का टाइम छोड़ दो राज्य के 30 मेडिकल कॉलेज में से 5 हमने एक साल के अंदर चालू किए हैं। गरीब से गरीब आदमी की जान बचना चाहिए। हम एयर एंबुलेंस के बलबूते हमारे नागरिकों की मेडिकल सुविधाओं में वृद्धि करें।


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