जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शहडोल से पकड़कर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाए गए हाथी की मौत को गंभीरता से लेते हुए राज्य शासन को फटकार लगाई। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को कहा कि जंगली हाथियों को पकडऩे की प्रक्रिया में वाइल्ड लाइफ एक्ट का पालन सुनिश्चित किया जाए।
वहीं एक्सपर्ट कमेटी के चेयरमैन ने कोर्ट को बताया कि एक जंगली हाथी को सीधी जिले से पकड़कर जनवरी 2025 से कान्हा में रखा गया है। इस पर कोर्ट ने जंगली हाथी को 15 दिन में छोडऩे के निर्देश दिए। हाथी को पहनाने के लिए विदेश से कॉलर आईडी मंगवाई गई है। कॉलर आईडी पहनाकर उसे छोड़ दिया जाएगा, जिससे उसकी मूवमेंट का पता चल सके। इस जानकारी को रिकॉर्ड पर लेते हुए अगली सुनवाई 24 सितंबर को नियत कर दी गई। रायपुर निवासी नितिन सिंघवी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि केंद्रीय पर्यावरण विभाग की गाइडलाइन के अनुसार जंगली हाथियों को पकडऩे का कदम अंतिम उपाय के रूप में होना चाहिए।