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प्रिसिंपल ने छात्रा के माथे से मिटवाया तिलक, बोले ये मंदिर या आश्रम नहीं है, TC ले जाना..!

कटनी। मुरवारी कटनी के आरके गौतम हायर सेकेन्डरी स्कूल में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पर स्कूल के  प्राचार्य ने माथे पर तिलक लगाकर पहुंची छात्रा स्कूल से निकालने की धमकी दे दी। प्राचार्य ने पहले तो छात्रा का तिलक मिटवाते हुए कहा कि ये मंदिर या आश्रम नहीं है। छात्रा ने यह बात परिजन को बताई।

                                खबर है कि आरके गौतम हायर सेकेन्डरी स्कूल में अध्ययनरत 11 वी कक्षा की छात्रा जैसे ही स्कूल पहुंची तो प्राचार्य ने तिलक मिटवा दिया। छात्रा ने जब कारण पूछा तो कहा कि ये मंदिर या आश्रम नहीं है। बच्ची की मां उसे लेकर विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ स्कूल पहुंची। उन्होंने प्रिंसिपल रतन भलावे से बात करने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मिले। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी पृथ्वी पाल से शिकायत की। जिला शिक्षा अधिकारी पृथ्वी पाल का कहना है कि मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। छात्रा ने बताया कि वह रोजाना की तरह स्कूल गई थी। सुबह पूजा करके माथे पर चंदन का टीका लगाकर पहुंची थी। इसके बाद प्राचार्य रतन भलावे ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया। उन्होंने कहा कि ये मंदिर या आश्रम नहीं है, जहां तुम चंदन टीका लगाकर आओ। इसके बाद प्रिंसिपल के कहने पर तिलक मिटा दिया। इसके बाद भी  प्रिंसिपल सर का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कल अपने माता-पिता को स्कूल लेकर आना। ट्रांसफर सर्टिफिकेट ले जाना। आश्रम में एडमिशन करा लेना। हमारे स्कूल से एक बच्ची निकल जाएगी,तो हमारा कुछ बिगड़ नहीं जाएगा। प्रिंसिपल रतन भलावे के इस व्यवहार से छात्रा रोते हुए घर लौट गई। अपने माता-पिता को पूरी घटना बताई। छात्रा के माता-पिता प्रिंसिपल के इस रवैये से बेहद नाराज हुए। उन्होंने प्रिंसिपल रतन भलावे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। छात्रा की मां का कहना है कि हमारी आस्था पर ठेस पहुंची है। ऐसे कृत्य करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई होनी चाहिए ताकी भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। वहीं स्कूल प्रिंसिपल रतन भलावे का कहना कि बच्ची को क्लास टीचर ने बड़ा तिलक लगाने की जगह छोटा तिलक लगाने के लिए कहा था। जिस पर बच्ची बहस करने लगी। दोनों मेरे पास पहुंचे, तो उसे छोटा तिलक लगाने के लिए समझाइश दी। टीसी ले जाने और आश्रम में एडमिशन कराने वाली बात निराधार है।

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