नई दिल्ली. यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को बढ़ावा देने के मकसद से केंद्र सरकार ने इसमें NPS जैसा टैक्स बेनिफिट देने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय ने इस बारे में ऐलान कर दिया है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि यूपीएस को कर ढांचे के तहत शामिल करना पारदर्शी, लचीले और कर-कुशल विकल्पों के जरिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में सरकार का एक और कदम है। इससे पहले सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों द्वारा UPS विकल्प को चुनने की डेडलाइन 30 जून से 3 महीने के लिए बढ़ाकर 30 सितंबर 2025 की थी।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि UPS को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने फैसला किया है कि NPS के तहत मिलने वाले टैक्स बेनेफिट्स कुछ जरूरी बदलावों के साथ UPS पर भी लागू होंगे। यह NPS के तहत एक ऑप्शन है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि दोनों स्कीमों में बराबरी रहे और जो कर्मचारी UPS को चुनें। उन्हें भी अच्छी टैक्स छूट और प्रोत्साहन मिल सके।
जानिए क्या है UPS
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को 1 अप्रैल 2025 से लागू किया गया है। इस स्कीम में कुछ शर्तों के साथ एक निश्चित पेंशन की गारंटी मिलती है। यह स्कीम NPS के फ्रेमवर्क के तहत लाई गई है। इसका मकसद सरकारी कर्मचारियों को एक निश्चित और गारंटीड पेंशन देना है। इस स्कीम में रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को तयशुदा पेंशन, एकमुश्त रकम और ग्रेच्युटी जैसे फायदे मिलेंगे। यह स्कीम खासतौर से उन लोगों के लिए है जो नौकरी के बाद फाइनेंशियल सिक्योरिटी चाहते हैं।
कुल मिलाकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों को एक नया और बेहतर पेंशन विकल्प मिल गया है। यह उनके लिए बेहद खास है जो कर्मचारी पहले नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में हैं, वे अब चाहें तो UPS में भी आ सकते हैं। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को एश्योर्ड मंथली पेंशन मिलेगी, जो उनकी औसत सैलरी पर तय होगी। यह पेंशन स्कीम भारत में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए है। यूपीएस के तहत सरकार कर्मचारी की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 18.5 फीसदी योगदान देती है। जबकि कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 10 फीसदी योगदान देता है।
कौन कर सकता है UPS का चुनाव?
यूपीएस 1 अप्रैल 2025 से नई भर्तियों के लिए डिफॉल्ट ऑप्शन है। यानी नए भर्ती होने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम ही होगी। मौजूदा सरकारी कर्मचारी जो अभी एनपीएस के अंतर्गत आते हैं, उन्हें यूपीएस में स्विच करने का विकल्प दिया गया है। इस नए पेंशन प्लान के इंप्लीमेंट को आसान बनाने के लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने मार्च 2025 में जरूरी रूल्स और रेगुलेशंस जारी किए थे।
