जूनागढ़ में पत्नी साधना को भूले शिवराज, याद आया तो गाडिय़ों के काफिले के साथ वापस लौटे, वेटिंग रुम में बैठी कर रही थी इंतजार

 

भोपाल। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जूनागढ़ में एक ऐसी जल्दबाजी कर गए जो चर्चा का विषय बन गई। वे पत्नी साधना सिंह को छोड़कर 22 गाडिय़ों के काफिले के साथ जूनागढ़ से राजकोट की ओर रवाना हो गए। एक किलोमीटर दूर पहुंचे ही थे कि याद आया कि पत्नी साधना तो साथ में हैं ही नहीं। काफिला तुरंत यू-टर्न लेकर मूंगफली शोध केंद्र लौटा, जहां साधना सिंह प्रतीक्षालय में बैठी मिली। 

                                  केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह पत्नी साधना के साथ गुजरात के धार्मिक व सरकारी दौरे पर थे। सोमनाथ ज्योतिर्लिंग व गिर के सिंह दर्शन के बाद मूंगफली शोध केंद्र में किसानों व लखपति दीदी योजना से जुड़ी महिलाओं से संवाद कार्यक्रम था। उन्हें रात 8 बजे राजकोट से फ्लाइट पकडऩी थी और रास्ता खराब होने के कारण वे हड़बड़ी में थे। कार्यक्रम के मंच पर बार-.बार घड़ी देखते रहे। इस बीच स्वयं माइक से कहा कि राजकोट का रास्ता खराब है, अगली बार फुर्सत से आऊंगा। उन्होंने भाषण छोटा किया और तेजी से काफिले के साथ निकल गए। उधर साधना गिरनार दर्शन के बाद लौट चुकी थीं और प्रतीक्षालय में बैठी थीं। शिवराज को ख्याल आया कि पत्नी तो साथ में हैं नहीं। फिर फोन पर संपर्क साधा। इसके बाद काफिले संग लौटे और पत्नी को लेकर राजकोट निकले। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि मोदी सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया का फूड बास्केट बनाना है। इस दिशा में लगातार काम हो रहा है। हमारे वैज्ञानिकों के पास जो रिसर्च और टेक्नोलॉजी हैए इससे हम उत्पादन बढ़ाकर जल्द दूसरे देशों का पेट भरने में सक्षम होंगे।


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