नई दिल्ली। जनवरी में आठवें वेतन आयोग के ऐलान के बाद से इसके औपचारिक गठन का इंतजार खत्म ही नहीं हो पा रहा है। हालांकि इस बीच एक ऐसी रिपोर्ट आई कि केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज और पेंशनर्स जो आठवें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें झटका लगा है।
एक रिपोर्ट ने आठवें वेतन आयोग का इंतजार करने केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज और पेंशनर्स के दिल की हलचलें बढ़ा दी है। हालांकि इस वेतन आयोग का गठन अभी हुआ नहीं है लेकिन इस साल जनवरी में ऐलान के बाद से सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लॉयीज और पेंशनर्स गुणा-गणित कर रहे हैं कि उनके खाते में अब कितनी अधिक राशि आएगी। अब इसे लेकर कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने जो कैलकुलेशन किया है, वह परेशान करने वाला है क्योंकि अगर ऐसा होता है तो सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लॉयीज की सैलरी और पेंशनर्स के पेंशन में कम इजाफा होगा।
क्या है रिपोर्ट में?
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि आठवें वेतन आयोग में पिछले वेतन आयोग की तुलना में फिटमैंट फैक्टर कम रह सकता है। रिपोर्ट में फिटमैंट फैक्टर के करीब 1.8 रहने का अनुमान लगाया गया है। अगर ऐसा होता है तो वेतन में सिर्फ 13% तक की ही बढ़ोतरी दिख सकती है। रिपोर्ट क मुताबिक न्यूनतम सैलरी ₹18 हजार से बढ़कर ₹30 हजार हो सकती है। आठवें वेतन आयोग के फैसले का सेंट्रल गवर्नमेंट के करीब 33 लाख एंप्लॉयीज पर सीधा पड़ेगा और सबसे अधिक फायदा ग्रेड सी के एंप्लॉयीज को मिलेगा जो कुल वर्कफोर्स के करीब 90% हिस्सा हैं।
फिटमेंट फैक्टर से क्या होता है तय?
किसी एंप्लॉयीज का बेसिक वेतन कितना बढ़ेगा, यह फिटमेंट फैक्टर से तय होता है। एक उदाहरण से इसे आसानी से समझ सकते हैं। जैसे सातवें वेतन आयोग के लिए फिटमैंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था तो अगर किसी का मूल न्यूनतम वेतन ₹18,000 था तो यह बढ़कर ₹46,260 हो गया। ध्यान दें कि फिटमेंट फैक्टर हमेशा बेसिक सैलरी पर लगता है।
कब से लागू होगा आठवां वेतन आयोग?
वेतन आयोग का गठन हर 10 साल पर किया जाता है। इस बार इसे जनवरी 2026 से लागू होना है लेकिन इस साल जनवरी में ऐलान के बाद अभी तक औपचारिक तौर पर इसका गठन हो नहीं पाया है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार को अभी वेतन आयोग के लिए सदस्यों का चयन करना है और टर्म ऑफ रिफरेंस तय करने हैं। पिछले वेतन आयोग के हिसाब से चलें तो करीब डेढ़ साल रिपोर्ट दाखिल होने में लगते हैं और फिर कैबिनट की मंजूरी और फिर लागू होने में तीन से 9 महीने का समय लग जाता है। ऐसे में कोटक अनुमान है कि यह अगले साल 2026 के आखिरी या वर्ष 2027 के शुरुआती महीनों में लागू हो सकता है। हालांकि ध्यान दें कि आठवां वेतन आयोग जनवरी 2026 से लागू हो जाएगाा लेकिन इसे लागू होने में देरी पर केंद्र सरकार के पेंशनर्स और एंप्लॉयीज को एरियर के साथ बाद में भुगतान किया जाएगा।