एमपी में बाढ़ के हालात, नर्मदा नदी खतरे के निशान पर पहुंची, सेना ने 30 घंटे बाद 27 बच्चों को बाढ़ से निकाला,

 

 जबलपुर, भोपाल। एमपी में भारी बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए है। गुना व शिवपुरी में सहित कुछ जिलों में रेस्क्यू के लिए सेना बुलानी पड़ी। शिवपुरी के कोलारस में पचावली गांव में बाढ़ में फंसे 27 स्कूली बच्चों को सेना ने बोट से 30 घंटे बाद सुरक्षित निकाला। भारी बारिश के अलर्ट के चलते शिवपुरी में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। विदिशा जिले में भी नर्सरी से 12वीं तक स्कूल बंद रहेंगे। वहीं जबलपुर में भी बारिश का दौर चल रहा है। यहां पर 9 घंटे में एक इंच पानी गिरा है।                                                                                
    खबर है कि नर्मदापुरम में नर्मदा नदी खतरे के निशान 964 फीट से एक फीट नीचे बह रही है। मुरैना में चंबल नदी खतरे के निशान से 3 फीट ऊपर बह रही है। आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, बैतूल, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, श्योपुर, उज्जैन, दमोह, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सिवनी, उमरिया, बालाघाट, शिवपुरी सहित 25 से अधिक जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। भोपाल में सीएम डॉ मोहन यादव ने प्रदेश में बाढ़ व बारिश से बिगड़े हालातों का जायजा लिया। सीएम ने कलेक्टरों को राहत-बचाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बाढ़ में फंसे लोगों के रेस्क्यू के लिए रक्षा मंत्रालय से हेलिकॉप्टर सेवा की मदद भी मांगी है।

श्योपुर में पुलिया बही, जयपुर-दिल्ली हाईवे बंद-

श्योपुर में सीप नदी उफान पर है। जिले के बड़ौदा में कलेक्टर और जनप्रतिनिधि जेसीबी से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। यहां माधोपुर से जोडऩे वाला नेशनल हाईवे-552 पर रणथंभोर नेशनल पार्क क्षेत्र में पुलिया टूट गई, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। श्योपुर से जयपुर, दिल्ली, टोंक, दोसा की ओर से जाने वाला ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। यहां मानपुर में सरकारी अस्पताल में पानी भर जाने के कारण 12 मरीज फंस गए। एसडीईआरएफ की टीम ने सभी को निकालकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।

गुना में डैम को दुरुस्त करने में जुटी सेना-

गुना में 24 घंटे में 12.92 इंच बारिश हो गई। यहां कलोरा बांध की वेस्ट बीयर 15 फीट तक टूट गई है। पूरा डैम टूटने की आशंका है। इससे आसपास के गांवों के जलमग्न होने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सेना को बुला लिया है। सेना की टीम बांध को दुरुस्त करने में जुटी है। गुना में बारिश के कारण सिंध नदी उफान पर है। म्याना से अशोकनगर जिले के नई सराय जाने वाले रास्ते पर सिंध नदी 50 फीट ऊंचे पुल के ऊपर से बह रही है। इससे यहां आवागमन बंद है। पुल के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लगी हुई हैं।

नर्मदा का जलस्तर बढ़ा, गांव बने टापू-

नर्मदापुरम में नर्मदा का जलस्तर 962.40 फीट पर पहुंच गया। नर्मदापुरम शहर से लगे डोंगरवाडा गांव पहुंच मार्ग पर नाले में बैक वाटर आ गया। बुधनी रोड स्थित मैरिज गार्डन के अंदर पानी भराया। सोहागपुर के ग्राम सांकला में नर्मदा किनारे बसे गांव के 7 मकानों में पानी भर गया।

बीना में बेतवा का पानी 10 गांवों में पहुंचा-

सागर जिले में बेतवा का पानी तटीय गांवों से होते हुए सड़क मार्गों तक पहुंच गया है। पुल डूब गए हैं जिससे मुंगावली-भोपाल मुख्य मार्ग बंद हो गया है। नदी का पानी हान्सलखेड़ी,ढि़मरौली,सरगौली,खमऊखेड़ी, सिरचौंपी, लखाहर, महादेवखेड़ी सहित 10 गांवों में पहुंच चुका है। बीना में पिछले 24 घंटे में एक इंच से अधिक बारिश हुई है।

मुरैना के दिमनी में घर में घुसा 7 फीट लंबा मगरमच्छ

मुरैना में चंबल नदी के उफान के कारण एक सात फीट लंबा मगरमच्छ ऐसाह गांव के एक घर में घुस गया। मगरमच्छ को देखकर गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने तुरंत राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान को फोन कर सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने दो घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ का सफल रेस्क्यू किया।

गुना में बाढ़ में फंसे परिवार का रेस्क्यू-

गुना जिले के बमोरी में लगातार बारिश के बाद नदी नाले उफान पर हैं। इसी बीच सेन बोर्ड चौराहे के पास फंसे ग्रामीणों को एसडीईआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किया है। पथरिया गांव के रहने वाले हरपाल सिंह, अरिजीत सिंह कौर, बलवीर सिंह, बलजीत कौर व 80 वर्षीय महिला अपने खेत पर बने घर पर फंस गए थे।  टीम ने नाव से परिवार के सदस्यों का रेस्क्यू कर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।

शिवपुरी में मकान ढहा, मलबे में दबा परिवार 

शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा क्षेत्र के बैराड़ थाना अंतर्गत ग्राम जाफरपुर में भारी बारिश के चलते एक कच्चा मकान अचानक ढह गयाए जिससे घर में सो रहे पति-पत्नी व तीन महीने का मासूम बच्चा मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तीनों को मलबे से बाहर निकाला और बैराड़ अस्पताल पहुंचाया। यहां से तीनों को शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया।

समय पर इलाज न मिलने युवक की मौत-

शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा के साखनौर टपरियन गांव में उपचार न मिलने के कारण एक ग्रामीण की मौत हो गई। गांव को चारों ओर से सिंध नदी ने घेर लिया था। इस दौरान 40 साल के दुर्गेश दांगी के सीने में दर्द उठा था। परिजनों ने उपचार के लिए प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी। बाद में एसडीईआरएफ की टीम बोट से गांव पहुंची। जहां उसके शव व पत्नी सहित एक अन्य को निकाला गया।

शिवपुरी में बाढ़ में फंसे 27 बच्चों को सेना ने बचाया-

शिवपुरी में लगातार बारिश के चलते सिंध नदी में बाढ़ आ गई। बदरवास के राइजिंग सोल्स स्कूल के 27 बच्चे स्कूल से छुट्टी के बाद बस से घर लौट रहे थे। सिंध नदी का जलस्तर बढऩे के कारण ये बच्चे रास्ते में पडऩे वाले पचावली गांव में फंस गए। आर्मी की टीम ने बोट से 30 घंटे बाद बच्चों को सकुशल बाहर निकाला।

मुरैना में चंबल उफान पर 500 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू-

मुरैना में चंबल नदी उफान पर है। इसका जलस्तर 140.90 मीटर पर पहुंच गया है। मुरैना, सबलगढ़, अंबाह तहसील सहित जिलेभर में 500 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। मुरैना तहसील के दो गांव भानपुरा और बरबासीन में लोग प्रशासन की समझाइश पर खुद अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से सामान भरकर राहत कैंप पर पहुंच रहे हैं।


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