khabar abhi tak

मिलने वाली है बड़ी राहत, 200 दवाएं जल्द सस्ती हो सकती है, लिस्ट में ये नाम शामिल

 


नई दिल्ली.
सरकार की ओर से गठित एक पैनल ने बड़ी राहत वाली सिफारिश की है. इस पैनल ने 200 जरूरी दवाओं और उनकी सामग्री पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को कम करने की सिफारिश की है. इसका मतलब है कि अगर यह सिफारिश लागू होती है, तो इन दवाओं की कीमतें कम हो सकती हैं और इलाज सस्ता हो सकता है.

दरअसल, दवाओं की कीमतों को कंट्रोल में रखने और भारत में हेल्थकेयर को सस्ता बनाने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है. भारत कई ज़रूरी दवाओं और उनके कच्चे माल के लिए अभी भी चीन जैसे देशों पर निर्भर है. जब इन चीजों को विदेश से मंगाया जाता है, तो उन पर इंपोर्ट ड्यूटी लगती है, जिससे दवा महंगी हो जाती है.

मरीजों को होगा फायदा

पैनल ने सलाह दी है कि अगर इन पर लगने वाला टैक्स कम किया जाए, तो कंपनियों को ये सामग्री सस्ती मिलेगी और इसका फायदा सीधे मरीजों को मिलेगा. साथ ही, भारत में दवा बनाने वाली कंपनियों की लागत भी घटेगी. यह कदम खासतौर से उन दवाओं पर केंद्रित है, जो गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, टीबी, डायबिटीज और दिल की बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होती हैं. सरकार की मंजूरी मिलने के बाद यह बदलाव देश के करोड़ों मरीजों के लिए राहत बन सकता है. इससे हेल्थकेयर सिस्टम और मजबूत होगा और लोगों को सस्ती दवाइयां मिल सकेंगी.

लिस्ट में इन दवाओं के नाम शामिल

5त्न कस्टम ड्यूटी वाली लिस्ट में 74 दवाएं हैं जबकि पूरी छूट वाली लिस्ट में 69 दवाएं हैं. दुर्लभ बीमारियों के इलाज में काम आने वाली 56 दवाओं को भी कस्टम ड्यूटी से छूट देने की बात कही गई है. पैनल ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी, सिस्टिक फाइब्रोसिस, गौचर डिजीज, फैब्री डिजीज, लाइसोसोमल स्टोरेज डिसऑर्डर और वंशानुगत एंजाइम की कमी जैसी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटाने की सिफारिश की है. इनमें से कुछ दवाएं दुनिया की सबसे महंगी दवाओं में से हैं. इनके एक कोर्स की कीमत करोड़ों में होती है.

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak