जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय के जबलपुर में आज शुक्रवार की दोपहर 1.05 बजे के लगभग रेलवे ने खतरे का 5 सायरन रुक-रुक कर बजाया. जिससे रेल कर्मचारियों के अलावा आम लोगों में हड़कम्प मच गया और उनमें इस बात की उत्सुकता रही कि कहां पर रेल हादसा हुआ है. हालांकि कुछ लोग इसे रेलवे की नियमित मॉकड्रिल का एक हिस्सा बता रहे थे.
बताया जाता है कि दोपहर 1.05 बजे के लगभग जब रेलवे का सायरन लगातार बजने लगा और यह एक-दो नहीं बल्कि 5 था, तो रेल कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोगों का ध्यान खतरे के सायरन की ओर गया. लोग एक दूसरे से पूछते नजर आ रहे थे कि कहां पर रेल हादसा हुआ है.
सायरन की आवाज सुनकर एआरटी स्टाफ दौड़ते-भागते पहुंचते रहे
बताया जाता है कि यह खतरे का सायरन अन्य रेल कर्मचारियों पर कोई खास असर नहीं डालता हो, किंतु एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी) में तैनात स्टाफ के लिए यह अत्यावश्यक सायरन था, वे सारे काम-काज छोड़कर एआरटी में पहुंचने के लिए रेल यार्ड स्थित आफिस में पहुंचकर अपनी आमद दर्ज कराते रहे. सूत्रों की माने तो रेलवे द्वारा यह मॉकड्रिल थी, वहीं इस संबंध में रेल अधिकारी कुछ जवाब नहीं दे रहे थे.
