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डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के त्याग, तपस्या, बलिदान से कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग : मंत्री राकेश सिंह

 


 

जबलपुर।  कश्मीर में दो निशान, दो विधान व दो प्रधान का विरोध करते हुए अपने जीवन का सर्वस्व न्यौछावर कर प्राणों की आहुति देने वाले परम राष्ट्रभक्त डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संघर्ष का ही परिणाम है कि आज कश्मीर भारत का अभिभाज्य अंग है। ऐसे राष्ट्रपुरुष के बलिदान दिवस पर हम उन्हे नमन करते हुए उनके विचारो और कार्यों को जन जन पहुंचाए, उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने आज एकत्र हुए है। उक्ताशय की बात लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर गुलौआ उद्यान स्थित उनकी प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि कार्यक्रम में दिए।

                                   लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने आगे कहा कि  नेहरू मंत्री मंडल के सदस्य होने के बाद भी नेहरू जी की नीतियों का विरोध करते हुए डॉ मुखर्जी ने मंत्री मंडल से इस्तीफा दिया। कश्मीर में धारा 370 व अनुच्छेद 39 ए का विरोध करते हुए देश के अन्य राज्यों की तरह कश्मीर में भी देश का कानून समान रूप से लागू करने की लिए आंदोलनरत होकर देश की अखंडता और एकता के लिए कार्य किया। कांग्रेस और नेहरू जी की नीतियों का विरोध करते हुए उन्होंने पं दीनदयाल उपाध्याय जी के साथ मिलकर जनसंघ की स्थापना की जो आज भारतीय जनता पार्टी के विराट बट वृक्ष के रूप में खड़ी है। हमे विश्व के सबसे बड़े राजनैतिक दल का दर्जा मिला है। श्री सिंह ने कहा तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू जी के कार्यकाल में कश्मीर राज्य में जाने के लिए परमिट लगता था इसका विरोध डॉ मुखर्जी ने किया और बिना परमिट कश्मीर जाने का निर्णय लिया। कश्मीर में उन्हे गिरफ्तार कर जेल में निरुद्ध कर दिया गया। जहां संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई। जब डॉ मुखर्जी की मां ने इसकी जांच की मांग की तब नेहरू सरकार ने जांच से इंकार कर दिया और उनकी मृत्यु आज भी रहस्य बनी हुई है। श्री सिंह ने कहा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जो संकल्प लिया था उसे सिद्धि तक पहुंचाने का कार्य हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हमारी सरकार ने किया। कश्मीर से धारा 370 व अनुच्छेद 39 ए को पूरी तरह समाप्त किया। आज कश्मीर में भी अन्य सभी राज्यों को तरह एक कानून लागू होता है। कश्मीर तेजी के साथ विकास के रास्ते पर आगे बढ रहा है। डॉ मुखर्जी ने जनसंघ रूपी जिस पौधे का रोपण किया था वह आज भारतीय जनता पार्टी के विशाल वृक्ष के रूप में खड़ा है। बलिदान दिवस के कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मिकी, सांसद आशीष दुबे, भाजपा जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, महापौर जगतबहादुर सिंह अन्नू, विधायक अभिलाष पांडे, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज ने भी डॉ मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजली कर नमन किया। इस अवसर पर डॉ जितेन्द्र जामदार, सदानंद गोडबोले, पंकज दुबे, रजनीश यादव, शरद अग्रवाल, अभय सिंह ठाकुर, राजेश मिश्रा, अंजु भार्गव, रंजीत पटेल, अजय तिवारी, शरद ताम्रकार, रविन्द्र पचोरी, रूपा राव, श्रीराम शुक्ला, अनिल वर्मा मंडल अध्यक्ष प्रणय गुप्ता, प्रशांत दुबे गुल्लन, संजय तिवारी, श्रीराम पटेल, श्रीकान्त साहू आदि उपस्थित थे।

11 पौधो का किया रोपण-डॉ मुखर्जी के बलिदान दिवस पर मुख्य कार्यक्रम स्थल सहित सभी बूथों में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए 11 पौधो का रोपण किया गया।


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