युवाओं के साथ अन्याय हो रहा
गोरखपुर. रेलवे में रिटायर कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति का विरोध शुरू हो गया है. मांग की जा रही है कि खाली पदों पर भर्ती की जाए, ताकि युवाओं के साथ अन्याय नहीं हो सके, वहीं रिटायर कर्मचारियों से पुन: नौकरी कराने से उन पर कार्य कराने का प्रशासन पर वह दबाव नहीं बन पायेगा, जो कार्यरत कर्मचारियों पर बनता है.
इस संबंध में पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री अरविंद कुमार सिंह ने रेलवे बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पुन: नियुक्त करने के निर्णय का विरोध किया है। गुरुवार को यूनियन के जनजागरण अभियान के दौरान चौरीचौरा रेलवे स्टेशन पर उन्होंने यह बात कही।
अरविंद सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति से नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के साथ विश्वासघात हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर सरकार को लगता है कि सेवानिवृत्त कर्मचारी उसी ऊर्जा से काम कर सकते हैं, तो सेवानिवृत्ति की उम्र 65 वर्ष कर दी जाए।
महामंत्री ने कहा कि बिना भत्ते और अन्य लाभों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों से काम लेना श्रम का शोषण है। उनका मानना है कि यह निर्णय देश में बेरोजगारी को और बढ़ाएगा। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे युवाओं के भविष्य के बारे में सोचें। अरविंद सिंह ने युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि री-इंगेजमेंट का आदेश वापस लिया जाए और रेलवे में खाली पदों पर युवाओं की नई भर्ती की जाए।
