khabar abhi tak

रेलवे का बड़ा निर्णय : अब स्टेशन पर वीडियो बनाना, फोटो खींचना पड़ सकता है भारी, इसलिए लिया निर्णय

नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ने अब रेलवे स्टेशनों, ट्रेन और रेलवे की संपत्तियों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी बनाने को लेकर नया फैसला लिया है। पूर्वी रेलवे ने यह महत्वपूर्ण कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। उन्होंने सभी ब्लॉगर और यूट्यूबर से रेलवे स्टेशनों की फोटो और वीडियो बनाने से मना किया है। रेलवे का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए कृपया स्टेशनों की ना तो फोटो खींचे और ना ही इनके वीडियो बनाएं। रेलवे ने यह फैसला एक यूट्यूबर की गिरफ्तारी के बाद लिया है। उस यूट्यूबर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों को जानकारी देने का आरोप है।

रेलवे के अधिकारियों ने कहा है कि स्टेशनों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। कुछ दिनों पहले हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों को संवेदनशील जानकारी दी थी। इस घटना के बाद रेलवे और सतर्क हो गया है। पूर्वी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीप्तिमय दत्ता ने कहा कि सुरक्षा उपाय पहले से ही लागू है, जिसके तहत संबंधित प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना स्टेशनों या किसी भी रेलवे संपत्ति पर फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं है।

रेलवे का कहना है कि, रेलवे स्टेशनों पर व्यावसायिक वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध है, अगर कोई ऐसा करना चाहता है तो उसे पहले सभी संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेनी होती है। वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के लिए निर्धारित मानदंड और रेल मैनुअल हैं जिनका पालन करना होता है। अब सभी स्टेशनों पर और निगरानी बढ़ाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी महत्वपूर्ण स्टेशनों की विस्तृत फोटो ना खींच पाए। कुछ ब्लॉगर और यूट्यूबर रेलवे स्टेशनों की वीडियो बनाने लगते हैं, जो चिंता का विषय है। हम लोग देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं कर सकते। इसलिए सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि मीडिया या फिर न्यूज चैनलों को किसी कार्यक्रम की कवरेज करनी है तो इसके लिए विशेष तौर पर परमीशन मिल सकती है। यह नियम सिर्फ आम जनता के लिए लागू किया गया है।

यह है रेलवे की नियमावली, सीपीआरओ को जिम्मेदारी

रेल मैनुअल के अनुसार, भारतीय नागरिकों को फोटो या वीडियो फोटोग्राफी की अनुमति संबंधित रेलवे/यूनिट के मुख्य जनसंपर्क अधिकारियों द्वारा दी जाएगी। वहीं, विदेशी नागरिकों को इसके लिए अनुमति जनसंपर्क निदेशालय, रेलवे बोर्ड द्वारा दी जाएगी। हालांकि, यदि इन फोटो और वीडियो को कमर्शियल या बिजनेस के लिए प्रयोग करना है तो संबंधित रेलवे/यूनिट द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और निर्धारित लाइसेंस शुल्क लेने के बाद अनुमति दी जाएगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak