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जबलपुर धान परिवहन घोटाले में 74 लोगों पर FIR, जानें पूरा मामला



जबलपुर (Jabalpur) में हुए 30 करोड़ रुपये के धान परिवहन घोटाले (Paddy Transportation Scam) में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक और खरीदी केंद्र प्रभारियों की मिलीभगत से राइस मिलर्स ने ऐसा फर्जीवाड़ा किया कि जांच अधिकारी भी हैरान रह गए. जांच में सामने आया कि जिन ट्रकों से धान का परिवहन किया जाना था, वे सीमेंट और लोहे की ढुलाई में लगे थे. अनुबंधित ट्रक नंबरों की जांच में यह भी पाया गया कि एक ही ट्रक ने एक ही दिन में उज्जैन के चार चक्कर लगाए, जो संभव ही नहीं है.

कलेक्टर दीपक सक्सेना ने साफ किया कि इस घोटाले में शामिल सभी राइस मिलर्स को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा. साथ ही, घोटाले की राशि मिलर्स की बैंक गारंटी और FD से वसूली जाएगी. कलेक्टर के निर्देश पर जिले के 12 थानों में 12 एफआईआर दर्ज कराई गई है. इसमें नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक दिलीप किरार सहित कई अन्य कर्मचारी और राइस मिलर्स शामिल हैं. अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें खरीदी केंद्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

दीपक सक्सेना के अनुसार, अंतर जिला मिलिंग के लिए उठाई गई धान के स्थानीय दलालों को बेचे जाने की शिकायत पर चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी. जांच में पाया गया कि 14 हजार मीट्रिक टन धान के डीओ जारी हुए थे, जिसकी सप्लाई 614 ट्रिप में हुई. संबंधित वाहनों की जानकारी मिलर्स, MPSCSC, सोसायटी व उपार्जन केंद्र से मांगी गई, साथ ही टोल टैक्स डेटा के लिए NHAI से जानकारी ली गई.

इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब पाटन विधानसभा के विधायक अजय विश्नोई ने प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया कि जिले में 17 राइस मिलर्स फर्जी रिलीज ऑर्डर के जरिए धान की हेराफेरी कर रहे हैं. इसके बाद गठित जांच टीम ने इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया. अब प्रशासन इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.

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