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रिटायर्ड प्रिंसिपल से 1.70 करोड़ की ऑनलाइन ठगी: मोटे मुनाफे का लालच देकर जिंदगीभर की कमाई लूटी



इंदौर। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर अपनी शातिर चालों से एक निर्दोष नागरिक को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया। मध्य प्रदेश के इंदौर में 85 वर्षीय एक रिटायर्ड प्रिंसिपल को निवेश पर अधिक मुनाफा देने का झांसा देकर ठगों ने 1 करोड़ 70 लाख रुपये की ठगी कर ली। यह राशि उनकी जीवनभर की जमा पूंजी थी, जिसे उन्होंने अपने प्रोविडेंट फंड और नौकरी से अर्जित किया था।

व्हाट्सएप मैसेज से बुजुर्ग को जाल में फंसाया

ठगों ने व्हाट्सएप पर संपर्क कर बुजुर्ग को निवेश के नाम पर बड़ा लाभ मिलने का प्रलोभन दिया। विश्वास जीतने के बाद उन्होंने अलग-अलग 9 से अधिक ट्रांजैक्शनों के जरिए यह बड़ी रकम अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा ली।

बैंक मैनेजर को हुआ शक, क्राइम ब्रांच ने दिखाई सतर्कता

बुजुर्ग द्वारा इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर करने पर बैंक मैनेजर को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया को इसकी सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारी तुरंत बैंक पहुंचे, लेकिन तब तक बुजुर्ग वहां से जा चुके थे।

इसके बाद क्राइम ब्रांच ने बैंक से फरियादी का पता लेकर खुद उनके घर पहुंचकर उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन, ठगों की चालाकी इतनी प्रभावी थी कि बुजुर्ग साइबर अपराधियों के झांसे में ही बने रहे। ठगों ने उन्हें यह यकीन दिला दिया कि यदि वे 36 लाख रुपये और ट्रांसफर कर देते हैं, तो उन्हें पूरी राशि वापस मिल जाएगी। इस झूठे आश्वासन में आकर बुजुर्ग ने और 36 लाख रुपये भेज दिए, जिससे ठगी की कुल राशि 1.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे, सतर्कता बेहद जरूरी

बैंक अधिकारियों ने भी बुजुर्ग को समझाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन ठगों की मनोवैज्ञानिक चालों के चलते वे किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर क्राइम ब्रांच ने तत्काल शिकायत दर्ज कर सभी संबंधित बैंक खातों की जानकारी खंगालनी शुरू कर दी है।

देशभर में ऑनलाइन ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, खासकर बुजुर्गों को निशाना बनाया जा रहा है। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले पूरी जानकारी लेना और सतर्क रहना बेहद जरूरी है। साइबर अपराध से बचने के लिए लोगों को जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि वे ठगों के चंगुल में न फंसें।


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