सड़क हादसे के घायलों के इलाज को लेकर विवाद
जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा वार्ड के बाहर रविवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ युवकों ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड के साथ जमकर मारपीट कर दी। दरअसल, शनिवार की रात रामपुर क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे के घायलों को लेकर 10 से 15 युवक अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों द्वारा इलाज में देरी का आरोप लगाते हुए युवक हंगामा करने लगे थे। उस दौरान सुरक्षाकर्मी ने बीच-बचाव किया था, जिसकी रंजिश निकालते हुए सुबह गार्ड की ड्यूटी खत्म होने पर उस पर हमला कर दिया गया।
शनिवार रात से शुरू हुआ था विवाद का सिलसिला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शनिवार की रात जब सड़क दुर्घटना में घायल युवकों को कैजुअल्टी लाया गया था, तब उनके साथ आए परिचितों की डॉक्टरों से तीखी नोकझोंक शुरू हो गई थी। युवकों का आरोप था कि ड्यूटी डॉक्टर मरीज की गंभीर हालत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। विवाद बढ़ता देख वहां तैनात सुरक्षा गार्ड चंदन सिंह ने युवकों को समझाकर शांत कराने और वार्ड से बाहर करने का प्रयास किया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर रात में ही गढ़ा थाना पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने पहुंचकर युवकों को समझाइश दी और मामला शांत करवा दिया था। रविवार की सुबह जब हादसे में घायल युवकों की मौत की खबर आई तो माहौल फिर गरमा गया। इसी दौरान सुबह की पाली समाप्त होने के बाद सुरक्षा गार्ड चंदन सिंह जैसे ही इमरजेंसी कक्ष से निकलकर अपने घर जाने लगा, तभी बाहर खड़े युवकों ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और तीमारदारों में दहशत फैल गई। अस्पताल के अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया और तुरंत गढ़ा पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले जाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की जांच के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
