जबलपुर। शारदेय नवरात्र के पावन पर्व पर संस्कारधानी जबलपुर में भक्ति और उल्लास का अद्भुत वातावरण बना हुआ है। शुक्रवार को आदिशक्ति के छठे स्वरूप माता कात्यायनी की आराधना के साथ ही नगर के सभी प्रमुख देवी मंदिरों और भव्य पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ जुटने लगी है। पंचमी तिथि से ही घरों तथा सार्वजनिक स्थानों पर कन्या भोज का सिलसिला शुरू हो चुका है। इस बार पंचांगीय गणना के अनुसार साधकों को अष्टमी पूजन का लाभ 2 दिन तक मिलेगा। यादव कॉलोनी स्थित श्रीश्री दुर्गा उत्सव समिति ने अपने 33वें वर्ष में 'जिन्नातों की दुनिया - द मिस्टीरियस वर्ल्ड' नाम से बेहद अनूठी झांकी का निर्माण किया है, जिसका शुभारंभ शुक्रवार से हुआ। समिति अध्यक्ष रंजीत पटेल के नेतृत्व में तैयार यह प्रस्तुति श्रद्धालुओं को हैरतअंगेज अनुभव करा रही है। आगामी 3 दिनों तक शहर भर में महाभंडारे, देर रात तक जागरण और माता के जयकारों की गूंज रहेगी।
विधि-विधान से षष्ठी पर कात्यायनी माता की पूजा
नवरात्र के छठे दिवस पर शक्ति, साहस और विजय की अधिष्ठात्री मां कात्यायनी की विशेष उपासना की जा रही है। साधक प्रातःकाल शुद्ध स्नान कर देवी प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर रहे हैं। पूजन अर्चन के दौरान अक्षत, रोली और ताजे फल अर्पित किए जाते हैं। परंपरा अनुसार इस दिन माता रानी को शहद का भोग लगाना विशेष फलदायी माना जाता है। श्रद्धालु मां के वैदिक और पौराणिक मंत्रों का निरंतर जाप कर रहे हैं, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक तरंगें व्याप्त हैं। ऐसी धार्मिक आस्था है कि सच्चे मन से ध्यान लगाने पर भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं तथा आत्मविश्वास और धर्म के मार्ग पर चलने की नई प्रेरणा मिलती है।
यादव कॉलोनी में रहस्यमयी झांकी बनी मुख्य आकर्षण
नगर के धार्मिक आयोजनों में इस वर्ष यादव कॉलोनी की प्रस्तुति सर्वाधिक चर्चा में आ गई है। श्रीश्री दुर्गा उत्सव समिति द्वारा स्थापित यह झांकी कल्पना, रोमांच और रहस्य के अनोखे ताने-बाने पर गढ़ी गई है। पंडाल में प्रवेश करते ही दर्शकों को तिलिस्मी माहौल का जीवंत अहसास होता है। समिति हर वर्ष नवरात्र पर लीक से हटकर नए विषयों पर दृश्य संजोती है, जिसे देखने दूर-दराज से लोग पहुंचते हैं। आयोजकों ने नागरिकों से सपरिवार पहुंचकर माता के दर्शन करने और इस अनोखे संसार की कलात्मकता को निहारने की अपील जारी की है। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्वयंसेवक निरंतर तैनात हैं।
आगामी तीन दिन रात भर गूंजेंगे जयकारे
सप्ताहांत शुरू होते ही उत्सव का रंग और अधिक गाढ़ा हो गया है। शाम ढलते ही विद्युत रोशनी से सजे पंडाल जगमगा उठते हैं और श्रद्धालुओं की कतारें लंबी होने लगती हैं। चौराहों और कॉलोनियों में जगह-जगह भंडारों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जहां प्रसाद वितरण का दौर लगातार चलेगा। आधी रात के बाद भी देवी गीतों और ढोल-नगाड़ों की थाप पर जयघोष सुनाई दे रहे हैं। पूरा शहर मां जगदंबा की भक्ति में लीन होकर रतजगा करने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।
