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कूड़न में नियमों को रौंदकर बसाई अवैध कॉलोनी, आठ बिल्डरों पर गिरी गाज



जबलपुर। कटंगी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कूड़न में बिना किसी शासकीय अनुमति, भूमि डायवर्सन तथा रेरा पंजीयन के 0.516 हेक्टेयर अर्थात 2 एकड़ कृषि भूमि पर 70 भूखंड काटकर बेचने के गंभीर मामले में कटंगी नगर पालिका अधिकारी स्नेहा मिश्रा के विस्तृत जांच प्रतिवेदन पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए आठ कॉलोनाइजरों निर्जला सिंघई, उनके पुत्र अंकित सिंघई, सुम्मेरचंद सिंघई, सुदेश सिंघई, दिनेश कुमार सिंघई, पवन कुमार सिंघई, राजकुमार सिंघई और रिषभ सिंघई के विरुद्ध मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की विभिन्न सुसंगत धाराओं के अंतर्गत नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। प्रशासनिक अमले द्वारा की गई इस त्वरित वैधानिक कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध निर्माणकर्ताओं तथा बिना अनुमति जमीन की खरीद-फरोख्त करने वाले सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।

​स्वीकृत नक्शे के बगैर कृषि रकबे पर बिछाई सड़कें

​क्षेत्रीय नागरिकों से प्राप्त लगातार शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए नगर पालिका प्रशासन ने राजस्व दल के साथ ग्राम कूडन में सघन मौका मुआयना किया था। स्थलीय निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट उजागर हुआ कि भूमि स्वामियों ने सक्षम प्राधिकारी से कॉलोनाइजर लाइसेंस प्राप्त किए बिना ही संपूर्ण कृषि क्षेत्र को मनमाने ढंग से विभाजित कर दिया। मौके पर विकास कार्यों के नाम पर केवल कच्ची सड़कों और नालियों का निर्माण कर ग्राहकों को भ्रमित किया गया। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से अभिन्यास अर्थात लेआउट स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी और न ही संबंधित स्थानीय पंचायत से किसी प्रकार का अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया। भूखंड खरीदारों को झूठे सुनहरे सपने दिखाकर पूरी तरह से असुरक्षित और अमान्य सौदे किए गए।

​सरकारी खजाने को क्षति पहुंचाने पर कानूनी शिकंजा

​जांच रिपोर्ट के अनुसार डेवलपर्स ने शासन को देय अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण शुल्क और निर्धारित विकास प्रभार की चोरी की है। रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण के कड़े दिशा-निर्देशों की खुलेआम अवहेलना करते हुए भूखंडों का विक्रय अनुबंध निष्पादित किया गया, जो विधिक रूप से शून्य एवं दंडनीय श्रेणी में आता है। नगर पालिका के अधिकृत प्रतिवेदन को आधार बनाकर कटंगी थाना पुलिस ने भारतीय न्याय प्रक्रिया के तहत साक्ष्य जुटाने आरंभ कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण से जुड़े समस्त वैधानिक दस्तावेजों, भूमि विक्रय विलेखों और वित्तीय लेन-देन का ब्योरा एकत्र किया जा रहा है ताकि अनाधिकृत निर्माण और जनसाधारण को आर्थिक क्षति पहुंचाने वाले इन सभी आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में मजबूत चालान प्रस्तुत किया जा सके।

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