जबलपुर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सगड़ा-छपनी में 7 अप्रैल 2015 से पदस्थ राजनीति शास्त्र के शिक्षक संतोष पटेल को स्कूल शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शिक्षक ने अपने 3 भाइयों राममिलन पटेल, अशोक पटेल और राजेश पटेल के साथ मिलकर 19 अक्टूबर 2025 को एक पंचायत बुलाई थी। इसमें 15 अक्टूबर को गुप्त कैमरे से रिकॉर्ड किया गया एक नाबालिग का वीडियो सार्वजनिक तौर पर स्क्रीन पर दिखाया गया था। पंचायत में किशोरी को चोर और डायन कहकर अपमानित किया गया तथा उसके पिता से 3 लाख रुपए हर्जाना मांगा गया। आहत होकर किशोरी ने 10 नवंबर 2025 को मामा के घर जहर खा लिया, जिससे अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
कैमरा लगाकर जाल बिछाया फिर पंचायत में बेइज्जत किया
लार्डगंज और बरगी नगर चौकी पुलिस की तफ्तीश में पूरी साजिश की परतें खुलीं। संतोष पटेल और उसके भाइयों ने किशोरी को बदनाम करने के इरादे से पहले से रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की थी। भरी सभा में ग्रामीणों और रिश्तेदारों के सामने चरित्र हनन किए जाने से सहमी 17 साल की किशोरी गहरे सदमे में चली गई थी। जब उसकी जान चली गई, तब पुलिस ने 10 महीने बाद आत्महत्या के लिए उकसाने और प्रताड़ना की धाराओं में चारों आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की। कोर्ट के आदेश पर 19 अगस्त 2026 को शिक्षक को जेल भेज दिया गया, लेकिन वह महज 10 दिन के भीतर जमानत हासिल कर बाहर आ गया।
प्रिंसिपल को बीमारी का झांसा देकर हाजिरी भरने लगा
सलाखों के पीछे जाने से ठीक 1 दिन पहले आरोपी शिक्षक ने स्कूल के हाजिरी रजिस्टर में बीमारी का बहाना बनाकर अवकाश का प्रार्थना पत्र लगाया था। संस्था की प्राचार्या ने इस आवेदन की कोई पुष्टि नहीं की। जमानत पर रिहा होते ही शिक्षक ने विभागीय अफसरों और थाने की सूचना छिपाकर सीधे स्कूल में बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। जब इस मनमानी की जानकारी सामने आई तो कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने संज्ञान लेते हुए निलंबन आदेश जारी कराया और विभागीय जांच बैठा दी। अब प्रशासन प्राचार्य की लापरवाही की भी समीक्षा कर रहा है।
