जबलपुर। मध्य प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को पिछले 10 माह से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता कम मिलने और केंद्र द्वारा हाल ही में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी के फैसले के बाद, राज्य कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ के प्रमुख पदाधिकारियों अटल उपाध्याय, देवेंद्र पचौरी, आलोक अग्निहोत्री, बृजेश मिश्रा, इन्द्रप्रताप यादव, नरेश शुक्ला, विवेक रंजन शुक्ला, अर्जुन सोमवंशी, सुशील गुप्ता तथा राजाराम डेहरिया ने मांग उठाई है कि शासकीय सेवकों व पेंशनरों को दीपावली पूर्व कुल 5 प्रतिशत डीए मिले। जबलपुर से जारी इस मांग पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों के लंबित 10 महीने के एरियर्स का पूरा भुगतान अलग-अलग किस्तों में अटकाने के बजाय केवल एक ही किस्त में तुरंत निपटाया जाना आवश्यक है।
वेतन विसंगति दूर करने पर अड़ा कर्मचारी वर्ग
वर्तमान वित्तीय स्थिति पर गौर करें तो राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत अमले को जनवरी 2026 की अवधि से 60 प्रतिशत की दर से भुगतान मिल रहा था, जबकि सूबे के अमले को केवल 58 प्रतिशत पर ही सीमित रखा गया। अब राष्ट्रीय स्तर पर जुलाई सत्र से नया इजाफा लागू होते ही यह आंकड़ा बढ़कर 63 प्रतिशत के स्तर को छू चुका है। इस नए अंतर के कारण प्रांतीय तंत्र और केंद्रीय व्यवस्था के बीच का फासला बढ़कर पूरे 5 प्रतिशत पर पहुंच चुका है।
त्योहारी सीजन में त्वरित आर्थिक राहत की दरकार
सेवानिवृत्त हो चुके बुजुर्गों और सेवारत अमले की आर्थिक स्थिति को देखते हुए त्योहारी माहौल से पहले ही इस वित्तीय खाई को पाटने पर जोर दिया जा रहा है। बाजार की बढ़ती कीमतों के बीच प्रांतीय अमला अब आदेश जारी होने की राह देख रहा है, ताकि एरियर्स की एकमुश्त राशि मिलने से उनकी जेब पर पड़ा अतिरिक्त वित्तीय भार कम हो सके।
