भोपाल. प्रदेश भर के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित भोपाल में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ नई तकनीक सीखने और भविष्य के लिए खुद को तैयार करने का संदेश दिया. इस दौरान उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि परिस्थितियां कभी एक जैसी नहीं रहतीं, इसलिए मेहनत और सीखने का सिलसिला लगातार जारी रहना चाहिए. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि आज लर्न करोगे तो कल अर्न करोगे.
1.21 लाख विद्यार्थियों के खातों में पहुंचे 25-25 हजार
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश के 1.21 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये अंतरित किए. इस कार्यक्रम में 10 विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से लैपटॉप भी वितरित किए गए. उन्होंने कहा, सरकार का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोडऩा और उनकी पढ़ाई को डिजिटल संसाधनों से आसान बनाना है. राशि सीधे विद्यार्थियों के खातों में भेजे जाने से वे अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार लैपटॉप खरीद सकेंगे. इसका उपयोग आनलाइन कक्षाओं, डिजिटल अध्ययन सामग्री, ई-पुस्तकालय और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में किया जा सकेगा.
किसी का लक्ष्य राजनीति, कोई बनना चाहता है उद्यमी
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों पर भी संवाद किया. 12वीं में 97.2 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले धीरेंद्र सिंह मुंडेला ने बताया, वह आगे चलकर राजनीति में आना चाहते हैं. फिलहाल उनका लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी करना है. वहीं 95 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली हिमांशी पाठक ने उद्यमी बनने की इच्छा जताई. उनका सपना पहले एयर होस्टेस के रूप में काम करने और बाद में अपना कारोबार खड़ा करने का है.
शिक्षकों की कमी होगी दूर, 18 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी
इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने शिक्षकों की कमी को लेकर कहा, रिक्त पदों को भरना सरकार की प्राथमिकता है. फिलहाल अतिथि शिक्षकों के माध्यम से भी सेवाएं ली जा रही हैं. आरक्षण, बैकलाग और अन्य नियमों को ध्यान में रखते हुए करीब 18 हजार रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है. सरकार का जोर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने पर है.
