जबलपुर. नेपाल में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा में सैकड़ों लोगों की मौत व हजारों के लापता होने की हृदय विदारक हादसे से जबलपुर का नेपाली-गोरखा समाज भी बहुत व्यथित है. समाज के लोगों ने एकजुट होकर पीडि़तों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने रांझी के दर्शन तिराहे से एक बड़ा कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च मुख्य रास्तों से होते हुए शाम 8 बजे श्री पशुपतिनाथ नेपाली मंदिर पहुंचा और समाप्त हुआ।इस कैंडल मार्च में बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुए। उनके हाथों में जलती मोमबत्तियां थीं और चेहरों पर नेपाल में हुई तबाही का गम साफ दिख रहा था। मंदिर परिसर में आपदा में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए मौन रखकर विशेष प्रार्थना की गई। साथ ही, घायलों के जल्द ठीक होने की कामना भी की गई।
मानवता का परिचय देते हुए नेपाली-गोरखा समाज ने इस मुश्किल समय में अपने प्रभावित भाइयों की मदद के लिए विशेष आपदा राहत अभियान शुरू किया। समाज के लोगों का कहना था कि यह एक छोटी सी कोशिश है, जो संकट में फंसे उनके नेपाली भाई-बहनों को इस त्रासदी से उबरने और फिर से खड़े होने में मदद करेगी। अपनी एकजुटता दिखाते हुए समाज के लोगों ने अपनी इच्छा से सहायता राशि जुटाई। नेपाली करेंसी के अनुसार यह राशि करीब 3 लाख रुपये है। इस राशि को जल्द ही नेपाल के आपदा राहत कोष में प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भेजा जाएगा।

