जबलपुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी के कुशल मार्गदर्शन में विक्टोरिया जिला चिकित्सालय परिसर से अंतरराष्ट्रीय बधिरजन सप्ताह के अंतर्गत एक प्रभावी जनचेतना रैली निकाली गई। 27 सितंबर तक संचालित होने वाले इस विशेष अभियान का नेतृत्व राष्ट्रीय बधिरता बचाव एवं नियंत्रण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी तथा ईएनटी सर्जन डॉ. रुमिता आचार्य ने किया। इस दौरान वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. पंकज ग्रोवर और डॉ. शोभा अग्रवाल भी स्वास्थ्य कर्मियों तथा नर्सिंग विद्यार्थियों के साथ मौजूद रहे। इस आयोजन का मूल लक्ष्य जनसाधारण को श्रवण शक्ति से जुड़ी व्याधियों के प्रति सतर्क करना तथा उन्हें समय पर उपलब्ध चिकित्सीय विकल्पों की सही राह दिखाना है।
आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से बहरेपन पर जीत संभव
चिकित्सकों के अनुसार कान से मवाद आना, सीटी जैसी आवाजें गूंजना अथवा सामान्य बातचीत को ठीक से समझने में कठिनाई महसूस होना श्रवण दुर्बलता के प्रमुख आरंभिक लक्षण हैं। अधिकांश मामलों में लोग इन संकेतों को लंबे समय तक नजरअंदाज करते हैं, जिससे सामान्य संक्रमण भी गंभीर अक्षमता का रूप ले लेता है। नवजात शिशुओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के व्यक्तियों में इस विकार के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। आज के दौर में आधुनिक कॉकलियर इम्प्लांट जैसी शल्य प्रक्रिया और उन्नत डिजिटल श्रवण यंत्रों की मदद से इस शारीरिक परेशानी से पूरी तरह मुक्ति पाई जा सकती है। इसके लिए आवश्यक है कि लोग अंधविश्वास अथवा नीम-हकीमों के चक्कर में पड़ने के बजाय सीधे प्रशिक्षित कान, नाक व गला रोग विशेषज्ञों से संपर्क साधें।
विक्टोरिया अस्पताल में कल होगी मुफ्त जांच
नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से 24 सितंबर को परिसर में एक विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण शिविर का संचालन किया जाएगा। इस आयोजन में उपस्थित होने वाले आगंतुकों के कानों का आधुनिक मशीनों द्वारा परीक्षण किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें विशेषज्ञों द्वारा समुचित उपचार की योजना भी निशुल्क समझाई जाएगी। इस दौरान मरीजों को यह भी समझाया जाएगा कि कान में कोई भी नुकीली वस्तु, तीली अथवा अशुद्ध तेल डालना श्रवण तंत्र के लिए कितना घातक सिद्ध हो सकता है। यह पूरा सेवा प्रकल्प आमजन को सुरक्षित श्रवण जीवनशैली अपनाने और अपने परिवार के सदस्यों की नियमित जांच कराने के लिए पूरी तरह प्रेरित करता है।
