जबलपुर। जिले के सिहोरा स्थित पंडित विष्णु दत्त शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (सांदीपनी स्कूल) की नई इमारत का निर्माण कार्य लंबे समय से अटका हुआ है। प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी और सख्त हिदायतों के बाद भी जमीनी स्तर पर काम रफ्तार नहीं पकड़ सका है। विगत दिनों जिले के कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने निर्माण स्थल का जायजा लेकर कार्य की सुस्त चाल पर गहरी नाराजगी जताई थी। उन्होंने ठेकेदार को श्रमिकों की संख्या तुरंत बढ़ाने तथा 1 माह के भीतर पूरा ढांचा तैयार करने की स्पष्ट मोहलत दी थी। इस निर्देश के बाद 2 माह से अधिक का वक्त गुजर चुका है, लेकिन काम अधूरा पड़ा है। इस गंभीर स्थिति के चलते करीब 2150 विद्यार्थियों को पुराने भवन में ही अध्ययन करना पड़ रहा है।
अधूरी इमारत से छात्रों की परेशानी बढ़ी
विद्यालय परिसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस नया भवन समय पर तैयार न होने से शैक्षणिक सत्र लगातार प्रभावित हो रहा है। नए सत्र के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक कक्षा-कक्ष और प्रयोगशालाएं उपलब्ध कराने की योजना ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है। निर्माण स्थल पर कार्यबल की भारी कमी साफ नजर आ रही है। स्थानीय स्तर पर लगातार उठ रही आपत्तियों के बाद ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ था, परंतु धरातल पर उसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। वर्तमान में जिस गति से काम चल रहा है, उससे पूरा ढांचा तैयार होने में अभी 4 से 5 महीने का अतिरिक्त वक्त लगने के आसार हैं। पुराने परिसर में जगह कम होने के कारण बच्चों को बैठने और पठन-पाठन में रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक सख्ती के बाद भी लापरवाही बरकरार
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के अनुसार सिहोरा में यह परियोजना पहले से ही व्यावहारिक कारणों के चलते विलंब का शिकार रही है। जिले में 2 सांदीपनी विद्यालय पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। सिहोरा के इस अधूरे भवन के संबंध में विभागीय स्तर पर नए सिरे से जानकारी जुटाई जा रही है। निरीक्षण के दौरान मौके पर दी गई समय-सीमा बीत जाने के बाद भी काम पूरा न होने को लेकर समीक्षा की जाएगी। पूरे मामले की वास्तविक प्रगति रिपोर्ट तलब करने के बाद ही आगे की ठोस कार्ययोजना और जवाबदेही तय होगी। इधर, तय अवधि में काम न होने से क्षेत्र के अभिभावकों और प्रबुद्ध नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है, क्योंकि बच्चों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण योजना में ठेकेदार की लापरवाही भारी पड़ रही है।
