नई दिल्ली. केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक अहम खबर सामने आई है. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने नए सैलरी स्ट्रक्चर, पेंशन रिवीजन और भत्तों को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. फिलहाल, आयोग की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में स्टेकहोल्डर्स के साथ लगातार कंसल्टेशन का दौर जारी है. इस मंथन में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर, मिनिमम बेसिक पे, डीए मर्जर और एरियर्स जैसे बड़े मुद्दों पर हो रही है.
उल्लेखनीय कि केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया था. इस उच्च स्तरीय आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. आयोग में देश के जाने-माने विशेषज्ञ प्रोफेसर पुलक घोष और पंकज जैन सदस्य के रूप में शामिल हैं. सरकार ने आयोग को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया है. इस समयसीमा के अनुसार, आयोग का निर्धारित कार्यकाल मई-जून 2027 तक चल सकता है, जिसके बाद सिफारिशें सरकार को सौंपी जाएंगी.
बेंगलुरु और मुंबई बैठकों पर टिकी हैं नजरें
कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों को समझने के लिए आयोग देशव्यापी दौरे कर रहा है. हाल ही में 9 सितंबर को पुडुचेरी में और 16 से 18 सितंबर के बीच चंडीगढ़ में सफल बैठकें हो चुकी हैं. अब सभी की नजरें आगामी तारीखों पर टिकी हैं
बेंगलुरु बैठक: यह महत्वपूर्ण बैठक 7 और 8 अक्टूबर 2026 को होने जा रही है.
मुंबई बैठक: इसके बाद आयोग 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में स्टेकहोल्डर्स से मुलाकात करेगा.
आवेदन की आखिरी तारीख: मुंबई की बैठक में शामिल होने के इच्छुक कर्मचारी संगठनों को अपॉइंटमेंट के लिए 10 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में आवेदन करना होगा.
फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन पर अपडेट
केंद्रीय कर्मचारियों के बीच इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि नया फिटमेंट फैक्टर क्या होगा? हालांकि, 8वें वेतन आयोग ने अभी तक किसी फाइनल फॉर्मूले या नंबर की घोषणा नहीं की है. अलग-अलग कर्मचारी यूनियनों ने आयोग के सामने अपनी मांगें रखी हैं
4.00 फिटमेंट फैक्टर की मांग: कुछ प्रमुख कर्मचारी संगठनों का प्रस्ताव है कि फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर सीधा 4 किया जाए.
3.833 का प्रस्ताव: ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (एनसी-जेसीएम) की स्टाफ साइड और भारत पेंशनर्स समाज ने सरकार के सामने 3.833 के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है.
सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी?
फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक पे ?18,000 प्रति माह है. सूत्रों के मुताबिक, यदि आयोग और सरकार के बीच 3.0 का फिटमेंट फैक्टर भी मंजूर होता है, तो न्यूनतम बेसिक पे बढ़कर सीधा 54,000 रुपये हो सकती है. वहीं, अगर यूनियनों की 3.833 या 4.00 की मांग मान ली जाती है, तो यह आंकड़ा 69,000 रुपये से 72,000 रुपये के पार पहुंच जाएगा. हालांकि, वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी, यह आयोग की फाइनल रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा.
पेंशन, डीए मर्जर और एरियर्स पर संशय बरकरार
वेतन के साथ-साथ यह आयोग लाखों पेंशनभोगियों के भविष्य का फैसला भी करेगा. मौजूदा पेंशनर्स के लिए पेंशन रिवीजन का नया फॉर्मूला क्या होगा, यह आयोग की सिफारिशों और कैबिनेट की मंजूरी पर निर्भर करेगा. इसके अलावा, महंगाई भत्ते (डीए) को बेसिक पे में मर्ज करने यानी डीए मर्जर को लेकर भी अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.
क्या 1 जनवरी 2026 से मिलेगा लाभ?
आयोग की सिफारिशें किस तारीख से लागू होंगी, इस पर सरकार ने अभी कोई आधिकारिक इफेक्टिव डेट घोषित नहीं की है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी किया जा सकता है. यदि ऐसा होता है, तो मई 2027 में रिपोर्ट आने और उसके बाद क्रियान्वयन होने तक की पूरी अवधि का एरियर कर्मचारियों और पेंशनर्स को एकमुश्त ब्याज या बकाए के रूप में दिया जाएगा.
