बताया गया है कि मेडिकल कालेज के एनाटॉमी विभाग की क्लास में प्रतिदिन की तरह प्रोफेसर छात्रों को पढ़ा रहे थे। इस दौरान एक छात्र की नजर क्लास रूम में प्रवेश कर रहे सांप पर पड़ी। उसने शोर मचाकर अन्य छात्रों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद कमरे में हंगामा मच गया। छात्रों ने प्रोफेसर डॉ. सुनील अग्रवाल को सांप के बारे में बताया। इसके बाद सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को फोन किया गया। सूचना मिलने पर पहुंचे दुबे ने सावधानीपूर्वक सांप का रेस्क्यू किया और उसे बरगी के जंगल में छोड़ दिया। सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे ने बताया कि पकड़ा गया सांप धामन प्रजाति का था। इसे रैट स्नेक भी कहा जाता है। इसके अन्य नाम घोड़ा पछाड़ और अषाढिय़ा हैं। उन्होंने बताया कि धामन सांप चूहों को खाता है। दुबे के मुताबिक, धामन जहरीला नहीं होता और यह बेहद शर्मीला सांप है। जब तक इसे छेड़ा न जाए, तब तक यह आमतौर पर किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता। सांप के रेस्क्यू के बाद छात्रों और प्रोफेसरों ने राहत की सांस ली।
जबलपुर। जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में आज सुबह के वक्त एनाटॉमी विभाग की क्लास में बैठे छात्रों में भगदड़ व चीख पुकार मच गई, जब उन्होने लहराते हुए सांप को देखा। सांप को देखते ही छात्र व प्रोफेसर क्लास रुम से बाहर निकल आए। क्लास रुम में सांप निकलने की खबर से कालेज परिसर में भी हड़कम्प मच गया था। खबर मिलते ही सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे मौके पर पहुंचे और सांप का रेस्क्यू कर उसे बरगी के जंगल में छोड़ दिया।
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