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कुश्ती और वुशु के महाकुंभ का जबलपुर में रंगारंग आगाज





जबलपुर। रानीताल स्टेडियम में कलेक्टर  राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में 70वीं राज्य शालेय खेल प्रतियोगिता का भव्य आगाज हुआ। 21 से 25 सितम्बर 2026 तक चलने वाले इस 5 दिवसीय आयोजन में प्रदेश के 9 संभागों से आए 790 खिलाड़ी और ऑफिशियल्स हिस्सा ले रहे हैं। मुख्य अतिथि महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू ने ध्वजारोहण कर विधिवत शुभारंभ किया। समारोह में नगर निगम अध्यक्ष श्री रिंकूज बिज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण घनश्याम सोनी, भोपाल से आए ऑब्जर्वर श्री मनोज दुबे, अनिल गुप्ता, डीईओ गौतम बर्वे, सहायक संचालक श्रीमती सोनम कटारे, खेल सहायक संचालक श्रीमती आशा सिसोदिया, जिला क्रीड़ा अधिकारी श्रीमती मधुमिता हाजरा, विधि प्रभारी कृष्णकांत शर्मा, अजय रजक, प्राचार्य श्रीमती रुक्मणि कनोजिया,  आशीष पंड्या,  डी.के. गुप्ता तथा आलोक शर्मा उपस्थित रहे। वुशु की राष्ट्रीय खिलाड़ी कु. निष्ठा सोनी ने शपथ दिलाई।

​कुश्ती एमएलबी स्कूल और वुशु मुकाबले रानीताल में

​इस राज्य स्तरीय आयोजन के लिए दो अलग-अलग स्थान तय किए गए हैं। कुश्ती के सभी मुकाबले शासकीय एमएलबी विद्यालय परिसर में संपन्न कराए जाएंगे। वहीं वुशु की सारी स्पर्धाएं रानीताल स्टेडियम के बैडमिंटन इंडोर हॉल में रखी गई हैं। खेल मैदानों को तकनीकी मानकों के अनुसार तैयार किया गया है ताकि किसी भी प्रतिभागी को असुविधा न हो। दोनों परिसरों में व्यवस्था संभालने के लिए विभागीय कर्मचारियों और शारीरिक शिक्षकों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।

​फ्री स्टाइल, ग्रीको-रोमन और वुशु में कड़ा मुकाबला

​प्रतियोगिता का तकनीकी ढांचा आयु वर्ग और खेल विधाओं के आधार पर बांटा गया है। मैट पर 17 वर्ष बालक एवं बालिका वर्ग में फ्री स्टाइल कुश्ती लड़ी जाएगी। इसी आयु वर्ग के बालक ग्रीको-रोमन कुश्ती में अपना दमखम दिखाएंगे। दूसरी तरफ वुशु कोर्ट पर 17 और 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक तथा बालिका वर्ग के खिलाड़ी अपने सटीक दांव आजमाएंगे। सभी संभागों की टीमें अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान पाने का प्रयास करेंगी।

​सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ जीवन में अनुशासन का संदेश

​उद्घाटन सत्र के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर पूरे स्टेडियम का माहौल उत्साहपूर्ण बना दिया। छोटे बच्चों द्वारा दी गई वुशु की मार्शल आर्ट कलाबाजी को दर्शकों ने खूब सराहा। मंच पर वक्ताओं ने रेखांकित किया कि खेल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीम भावना और कड़ा अनुशासन लाते हैं। हार और जीत के नतीजों से परे जाकर निरंतर कठिन परिश्रम, सकारात्मक सोच और सच्ची खेल भावना बनाए रखना ही किसी भी खिलाड़ी की सबसे बड़ी पहचान बनती है।

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