जबलपुर। फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में केंद्रीय वाणिज्य, उद्योग, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद से औपचारिक मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में संगठन अध्यक्ष हिमांशु खरे, उपाध्यक्ष जयदेव ताम्रकर तथा सचिव प्रवीण आचार्य ने शहर की सालों से ठप पड़ी बीएसएनएल टेलीकॉम फैक्ट्री परिसंपत्तियों को नए सिरे से उपयोगी बनाने की औपचारिक कार्ययोजना सौंपी। उद्योग प्रतिनिधियों ने केंद्र, दूरसंचार विभाग एवं मध्यप्रदेश शासन के तालमेल से तकनीकी जांच कराकर यहां वैश्विक स्तर का सेमीकंडक्टर और हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब खड़ा करने की ठोस पहल रखी। इस पर केंद्रीय मंत्री ने चिप पैकेजिंग, कौशल विकास, रोजगार सृजन और स्थानीय ट्रेनिंग की भरपूर संभावनाएं स्वीकारते हुए परीक्षण कराने का आश्वासन दिया।
खाली पड़ी औद्योगिक भूमि पर आधुनिक क्लस्टर प्रस्ताव
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय नेतृत्व के सम्मुख जबलपुर स्थित 2 अलग-अलग फैक्ट्री परिसरों के समग्र पुनरुद्धार की सुविचारित रूपरेखा रखी। इसके तहत पहले बड़े परिसर का आर्थिक-तकनीकी मूल्यांकन पूरा कर उसे सेमीकंडक्टर चिप उत्पादन इकाई के लिए आवंटित करने का सुझाव है। वहीं दूसरे खाली पड़े परिसर को मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म उपक्रम आधारित इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण संकुल में रूपांतरित करने का खाका खींचा गया है। प्रस्तावित कार्ययोजना में दूरसंचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, शोध-अनुसंधान, नए तकनीकी स्टार्टअप और युवाओं के हुनर संवर्धन जैसे विविध आयाम समाहित हैं। संगठन पदाधिकारियों के अनुसार अनुपयोगी पड़ी सार्वजनिक संपत्ति का यह कायाकल्प महाकौशल अंचल में प्रत्यक्ष भारी पूंजी निवेश आकर्षित करने का सबसे व्यवहार्य आधार बन सकता है।
तकनीकी जांच से रोजगार और कौशल विकास अवसर
औद्योगिक संगठन ने पूरे मामले में बीएसएनएल, केंद्र और राज्य प्रशासन की संयुक्त जांच टीम गठित कर विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाने पर बल दिया। इससे इलाके के हजारों शिक्षित युवाओं को अपने गृह नगर में ही उच्च तकनीक आधारित आजीविका उपलब्ध होगी।केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने विस्तृत चर्चा के दौरान कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र व्यापक है, जिसमें अंतिम उत्पाद के साथ चिप पैकेजिंग की अपार गुंजाइश विद्यमान है। उन्होंने इस अत्याधुनिक क्षेत्र से जुड़े विशेष कौशल प्रशिक्षण केंद्रों को स्थानीय स्तर पर विकसित करने की बात कही, ताकि भविष्य के चिप निर्माण प्रोजेक्ट्स के लिए जबलपुर में योग्य तकनीकी मानव संसाधन सरलता से उपलब्ध हो सके।
