भोपाल। बालाघाट जिले के बैहर और बिरसा क्षेत्र के आदिवासी बहुल क्षेत्र में बच्चों की मौत के मामले को कांग्रेस अब आदिवासियों की सुरक्षा और प्रदेश में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है। पार्टी नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक अक्टूबर को बालाघाट आएंगे।
यहां वह बैहर और बिरसा क्षेत्र के प्रभावित गांवों में मृत बैगा आदिवासी बच्चों के स्वजन से भेंट करके सरकारी योजनाओं के दावों की स्थिति की जानकारी लेंगे। यह उनका एक पखवाड़ा के भीतर मध्य प्रदेश में दूसरा दौरा होगा। इसके पहले उन्होंने 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में भाग लिया था।
आदिवासी बच्चों की मौत का मामला उठाएगी कांग्रेस
इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. विक्रांत भूरिया ने प्रदेश में आदिवासियों से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि बालाघाट में मलेरिया, कुपोषण और खसरा के कारण बैगा आदिवासी बच्चों की मौत हो गई। जांच के नाम पर लीपापोती के अलावा कुछ नहीं हुआ।
यह स्थिति प्रदेश के अन्य आदिवासी क्षेत्रों की भी है। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल बेहाल है। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित लोग जल सत्याग्रह कर रहे हैं तो देवास, सिंगरौली सहित अन्य जिलों में आदिवासियों को भूमि से बेदखल किया जा रहा है।
गोंदिया के बिरसी एयरपोर्ट से बालाघाट पहुंचेंगे राहुल
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राहुल गांधी के दौरे की जानकारी देते हुए बताया कि वह 1 अक्टूबर को गोंदिया के बिरसी एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से बालाघाट जाकर बैहर और बिरसा क्षेत्र के प्रभावित गांवों में मृत बैगा बच्चों के स्वजन से मुलाकात करेंगे। इस दौरे के दौरान आदिवासी परिवारों की समस्याओं, स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है।
