जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने पदोन्नति पाने वाले 16 कुलसचिवों की नई पदस्थापना के शासकीय आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग ने हाल ही अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ दिया था, जिसकी निरंतरता में मंत्रालय से 31 अगस्त 2026 को नए कार्यभार का फरमान निकाल दिया गया। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल की जद में भोपाल के 6 कुलसचिवों के अलावा देवास, शाजापुर, गुना, टीकमगढ़, झाबुआ, छिंदवाड़ा, कटनी और छतरपुर जिलों के शासकीय महाविद्यालयों में पदस्थ अधिकारी शामिल किए गए हैं। मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन सभी अधिकारियों को तत्काल अपने पूर्व संस्थान छोड़कर नए आबंटित सरकारी कॉलेजों में उपस्थित होकर प्रभार ग्रहण करना होगा। शासन का यह संपूर्ण निर्णय सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित विभिन्न याचिकाओं के अंतिम न्यायिक निर्णयों के पूर्णतः अधीन रहेगा।
मंत्रालय ने जिलों के शासकीय कॉलेज बदले तुरंत
शासन की इस नई व्यवस्था के तहत चिन्हित शासकीय महाविद्यालयों में प्रशासनिक कार्यशैली को गति देने के लिए अफसरों को अलग-अलग जिलों में भेजा गया है। सूची में शामिल भोपाल संभाग के छह प्रमुख कुलसचिवों को अन्य संस्थानों में स्थानांतरित किया गया है, जबकि मालवा क्षेत्र से देवास, शाजापुर व झाबुआ के अधिकारियों का दायित्व बदला गया है। इसी प्रकार ग्वालियर संभाग के गुना तथा बुंदेलखंड अंचल के टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में कार्यरत कुलसचिवों को नवीन केंद्र आवंटित किए गए हैं। महाकौशल क्षेत्र के छिंदवाड़ा और कटनी जिले के कॉलेजों में पदस्थ अफसरों को भी अपने पुराने केंद्र छोड़ते हुए नए परिसरों में जाकर पदभार ग्रहण करना होगा।
न्यायिक फैसलों के अधीन रहेगी संपूर्ण प्रक्रिया
उच्च शिक्षा विभाग ने अपने आदेश पत्रक में कानूनी प्रावधानों को स्पष्ट करते हुए उल्लेख किया है कि पदोन्नति और नई पदस्थापना का यह संपूर्ण प्रशासनिक ढांचा न्यायालयीन विचाराधीन प्रकरणों से सीधे तौर पर प्रभावित हो सकता है। यदि सर्वोच्च न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय जबलपुर में चल रही विभिन्न संबंधित रिट याचिकाओं में कोई विपरीत फैसला आता है, तो विभाग को उसी अनुरूप इस व्यवस्था को संशोधित अथवा पुनरीक्षित करना होगा। फिलहाल सभी 16 अफसरों को संबंधित क्षेत्रीय आयुक्त व प्राचार्यों को सूचना देते हुए नवीन स्थल पर योगदान देने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
