जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल के विद्युत विभाग ने लोकोमोटिवों की सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं अनुरक्षण दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचार करते हुए एयर ड्रायर की सुरक्षा के लिए विशेष सेफ्टी प्लेट विकसित की है। यह नवाचार लोकोमोटिवों में होने वाली तकनीकी खराबियों को कम करने के साथ-साथ उनकी उपलब्धता एवं परिचालन दक्षता में भी उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।
लोकोमोटिव के कैब-1 के अंडरफ्रेम पर स्थापित एयर ड्रायर, कैटल रन ओवर (पशु टकराने) अथवा अन्य बाहरी आघात की स्थिति में अपने सपोर्ट से अलग होकर नीचे लटक जाता था। इसके कारण पर्ज वाल्व के टूटने, विद्युत लीड एवं न्यूमेटिक पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती थीं। ऐसी स्थिति में एयर ड्रायर को आइसोलेट करना पड़ता था, जिससे लोकोमोटिव के न्यूमेटिक सिस्टम की कार्यक्षमता प्रभावित होने के साथ-साथ अनुरक्षण कार्य, डाउनटाइम एवं परिचालन लागत में वृद्धि होती थी।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पश्चिम मध्य रेल के विद्युत विभाग के इंजीनियरों ने 410 म 420 मिमी आकार की विशेष सेफ्टी प्लेट विकसित कर उसे कैटल गार्ड पर वेल्ड करने का अभिनव समाधान तैयार किया है। यह सेफ्टी प्लेट एयर ड्रायर असेंबली को अतिरिक्त सुरक्षा एवं मजबूती प्रदान करती है तथा बाहरी आघात की स्थिति में पर्ज वाल्व, विद्युत लीड एवं न्यूमेटिक पाइपलाइन को सुरक्षित रखती है। परिणामस्वरूप एयर ड्रायर को आइसोलेट करने की आवश्यकता नहीं पड़ती तथा लोकोमोटिव की विश्वसनीयता एवं परिचालन क्षमता बनी रहती है।
यह अभिनव संशोधन अब तक 178 लोकोमोटिवों में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। इससे अनुरक्षण लागत एवं समय में कमी आने के साथ-साथ लोकोमोटिवों की उपलब्धता, विश्वसनीयता तथा परिचालन दक्षता में भी सुधार हुआ है।
यह सेफ्टी प्लेट एक सरल, किफायती एवं अत्यंत प्रभावी तकनीकी समाधान है। इसके माध्यम से लोकोमोटिवों में होने वाली तकनीकी खराबियों में कमी आएगी, अनुरक्षण आवश्यकताएँ घटेंगी तथा परिचालन की विश्वसनीयता और उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
पश्चिम मध्य रेल सुरक्षित, विश्वसनीय, आधुनिक एवं दक्ष रेल परिचालन के लिए नवीन तकनीकों एवं स्वदेशी नवाचारों को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। ऐसे नवाचार भारतीय रेल की परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ यात्रियों एवं माल परिवहन सेवाओं को और अधिक भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
