जबलपुर। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने जबलपुर के नयागांव स्थित प्रशिक्षण संस्थान में अत्याधुनिक पावर प्लांट सिम्युलेटर और 150 सीटर मंत्रा ऑडिटोरियम की शुरुआत की है। इस दोहरी तकनीकी सौगात का लोकार्पण प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने किया। इस दौरान कंपनी के डायरेक्टर टेक्निकल सुबोध निगम, डायरेक्टर कमर्शियल मिलिन्द भान्दक्कर, कार्यपालक निदेशक अभिषेक जैन और कार्यपालक निदेशक दीपक कश्यप सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह नया सॉफ्टवेयर सिम्युलेटर बिजली उत्पादन के वास्तविक माहौल जैसा अनुभव प्रदान कर अभियंताओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देगा। वहीं नया स्मार्ट ऑडिटोरियम तकनीकी कार्यशालाओं और सम्मेलनों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। इससे कर्मचारियों को व्यावहारिक कार्यकुशलता मिलेगी और कंपनी देश के अग्रणी बिजली उत्पादकों की श्रेणी में आ गई है।
इंजीनियरों को मिलेगा कंप्यूटर पर व्यावहारिक अनुभव
संस्थान में लगाया गया यह सॉफ्टवेयर सिस्टम थर्मल पावर प्लांट के वास्तविक कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली पर आधारित है। इसमें बिजली इकाइयों के संचालन से जुड़े सभी जटिल सिस्टम को डिजिटल रूप में तैयार किया गया है। अब नए और कार्यरत इंजीनियर बिना किसी जोखिम के बिजली उत्पादन, तकनीकी खराबी और आपात स्थितियों से निपटने का सीधा अभ्यास कर सकेंगे। पहले इस तरह के व्यावहारिक ज्ञान के लिए सीधे चालू प्लांट पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे अनेक खतरे रहते थे। अब कंप्यूटर स्क्रीन पर ही बिजली घरों के बड़े उपकरणों को नियंत्रित करने और सही त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित होगी। यह व्यवस्था थर्मल प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और ब्रेकडाउन कम करने में सहायक साबित होगी।
आधुनिक तकनीक से तैयार होगा भविष्य का तंत्र
प्रशिक्षण केंद्र में शुरू किया गया नया सभागार नवीनतम ऑडियो-विजुअल सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां एक साथ 150 तकनीकी विशेषज्ञों के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सत्र, तकनीकी संवाद और कार्यशालाएं आयोजित की जा सकेंगी। ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आ रहे बदलावों को देखते हुए कंपनी अपने मानव संसाधन की कार्यकुशलता को निखारने पर निरंतर काम कर रही है। विद्युत इकाइयों की विशिष्ट जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया यह सिस्टम संचालन लागत घटाने और सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। कंपनी का मुख्य लक्ष्य अपने पूरे तकनीकी दल को आधुनिक ऊर्जा क्षेत्र की आगामी चुनौतियों के लिए पूरी तरह सक्षम और दक्ष बनाना है।
