नई दिल्ली. अब मालगाड़ी के लोको पायलट्स की राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों के संचालन में तैनाती नहीं की जा सकेगी। रेलवे बोर्ड ने प्रीमियम के साथ मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में भी गुड्स एलपी की ड्यूटी लगाने पर सख्ती बढ़ा दी है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर की कार्यप्रणाली को लेकर नया मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किया है।
रेलवे बोर्ड के निदेशक विद्युत अभियंत्रिकी (चल स्टाक) विकास आनंद ने सभी जोन के महाप्रबंधकों को निर्देश जारी किया है। जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि प्रीमियम ट्रेनों में केवल निर्धारित ग्रेड और पर्याप्त अनुभव वाले लोको पायलट की ही तैनाती की जाए। आपात स्थिति के लिए ए ग्रेड गुड्स एलपी का अलग पैनल तैयार किया जाएगा। इस पैनल में शामिल लोको पायलट की भी अनिवार्य रूप से सेफ्टी स्क्रीनिंग होगी। बिना स्क्रीनिंग किसी गुड्स एलपी को मेल-एक्सप्रेस की लिंक में नहीं लिया जाएगा।
ड्यूटी और रेस्ट आवर्स की होगी सख्ती से निगरानी
बोर्ड ने लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर के ड्यूटी व रेस्ट आवर्स को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि तक आराम पूरा नहीं करने वाले क्रू की बुकिंग करने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। क्रू मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) को सभी ट्रेनों के क्रू की नियमित निगरानी और क्रास-चेक करने का निर्देश दिया गया है। लगातार ड्यूटी करने या पर्याप्त आराम नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित एलपी की ड्यूटी तत्काल रोकी जाएगी।
शिकायतों के बाद बोर्ड ने बढ़ाई सख्ती
रेलवे बोर्ड को हाल के दिनों में कुछ मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में मालगाड़ी के लोको पायलट की तैनाती की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए। अब मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए एलपी का चयन उनकी सीनियरिटी, सेफ्टी रिकॉर्ड और ट्रैक्शन संबंधी ज्ञान के आधार पर किया जाएगा। सभी जोनल रेलवे को क्रू लाबी में इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है।
