बताया जाता है कि टीम ने पटरियों का गैप मिलीमीटर में नापा, ताकि तेज रफ्तार में भी ट्रेन न डगमगाए और सफर आरामदायक रहे। गेटमैन का सरप्राइज टेस्ट हुआ। भरवारी के एलसी-13ए फाटक पर कार्यरत स्टाफ से अचानक आपात स्थिति के सवाल पूछे गए। गेटमैन से तुरंत लाल झंडी और इमरजेंसी सिग्नल लगवाकर देखे गए, ताकि कोई हादसा न हो।
पुलों की मजबूती परखने के लिए टीम सिराथू-अथसराय के बीच लोहे के गर्डर वाले मेजर ब्रिज नंबर 109 पहुंची। यहां एक-एक नट-बोल्ट और पिलर को परखा गया, जिससे भारी से भारी ट्रेन भी बिना किसी खतरे के गुजर सके। फतेहपुर में ट्रेन कंट्रोल करने वाले रिले रूम के रिकार्ड्स खंगाले गए, ताकि सिग्नल फेल न हों और गाडिय़ां लेट होने से बचें। टीम 13 अगस्त गुरुवार को प्रयागराज स्टेशन पर एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन और रनिंग रूम (ड्राइवरों के आराम करने की जगह) का जायजा ले रही है. इसका उद्देश्य है ड्राइवर तरोताजा रहेंगे और ट्रेनें दुरुस्त, तो आपका सफर पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इस दौरान पमरे के प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी के साथ राजेश दत्त बाजपेयी, प्रदीप कुमार, आशीष के. कुलहाड़ा, माही पाल सिंह, सुरेंद्र यादव, एम.एम. वारिस, यूसी शुक्ला आदि मौजूद रहे।
