जबलपुर। खमरिया थानांतर्गत रक्षाबंधन की रात सगनहाई के पास नारायण धाम निवासी शेख अनस अपने भाई और दोस्तों के साथ कार से घर लौट रहे थे, तभी उपद्रवियों ने रास्ता रोककर हमला बोल दिया। डायल 112 पर मिली सूचना पर जब आरक्षक नरेश कुमार शेन्डे मौके पर पहुंचे, तो 25 से 30 लोगों के हुजूम ने कानून व्यवस्था को धता बताते हुए आरक्षक पर ही धावा बोल दिया। भीड़ की आक्रामकता के बीच जवान की वर्दी तार-तार हो गई और नेम प्लेट भी टूट गई। घायलों को रांझी अस्पताल पहुंचाने के बाद विभाग ने निष्पक्ष जांच का हवाला देकर पीड़ित सिपाही को ही लाइन अटैच कर दिया। खौफजदा आरक्षक ने अब आला अधिकारियों से सुरक्षा और दूसरे थाने में तबादले की गुहार लगाई है।
हमलावरों ने वाहन में की जमकर तोड़फोड़
रास्ते में रोकी गई गाड़ी से अनस को जबरन बाहर घसीटकर बेरहमी से पीटा गया, फिर उपद्रवी दल-बल के साथ उनके घर तक पहुंच गए। वहां खड़ी कार के शीशे पत्थरों और लाठियों से चकनाचूर कर दिए गए। अचानक हुए इस सुनियोजित हमले में चार युवक गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। चारों घायलों का रांझी अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
निष्पक्ष जांच का हवाला देकर हटाया सिपाही
आरक्षक नरेश कुमार शेन्डे ने ड्यूटी के दौरान जान पर बने खतरे को देखते हुए खमरिया से अन्यत्र पदस्थापना का औपचारिक आवेदन दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़ ने स्पष्ट किया है कि निष्पक्ष जांच पूरी करने के उद्देश्य से प्रशासनिक फैसला लिया गया है। पुलिस दल अब इस पूरी वारदात में शामिल उपद्रवियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है।
