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मुख्यालय से गायब मिले तो समझो बत्ती गुल: बिजली अमले पर रहेगा प्रबंधन का कड़ा पहरा!



बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यालय में रहना अनिवार्य, लापरवाही पर अब होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई

जबलपुर। मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने एक कड़ा आदेश जारी करते हुए अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए निर्धारित मुख्यालय में ही निवास करना अनिवार्य कर दिया है। विद्युत प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय उपभोक्ताओं को 24x7 निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना और उनकी दैनिक समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। विद्युत कंपनी के उच्च अधिकारियों के ध्यान में यह बात आई थी कि कई कर्मचारी अपने कार्यस्थल और मुख्यालय पर नहीं रह रहे हैं, जिससे आपातकालीन स्थितियों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब हो रहा था। जनहित को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने सभी संवर्गों के अमले को अपने पदस्थ शहर या कस्बे में ही रहने के निर्देश दिए हैं ताकि समय पर सेवाएं मिल सकें।

​जनता की शिकायतों का तत्काल समाधान जरूरी 

​कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि निर्बाध बिजली सेवा और बेहतर उपभोक्ता अनुभव ही संस्था की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब बिजली तंत्र में कोई अचानक खराबी आती है या किसी बड़े क्षेत्र में फॉल्ट के कारण ब्लैकआउट की स्थिति बनती है, तब फील्ड अमले की मौके पर सीधी मौजूदगी सबसे अहम भूमिका निभाती है। मुख्यालय से बाहर रहने वाले कर्मियों के कारण अक्सर लाइन सुधारने और ग्रिड संचालन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में घंटों की देरी हो जाती है। इस अव्यवस्था से न केवल आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, बल्कि जनसामान्य से सीधे जुड़े स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संवाद का भी समय पर सकारात्मक उत्तर नहीं मिल पाता है। ऐसी कार्यशैली जनहित के विपरीत है, इसलिए अब हर तकनीकी और प्रशासनिक कर्मचारी को अपने तैनाती स्थल पर ही रात और दिन उपलब्ध रहना होगा।

​नियम तोड़ने पर होगी सीधी विभागीय कार्रवाई

​विद्युत वितरण कंपनी के नवीनतम परिपत्र में यह चेतावनी भी दर्ज की गई है कि आदेश की अनदेखी करने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। यदि औचक निरीक्षण या किसी जांच में कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी अपने अधिकृत मुख्यालय से अनुपस्थित पाया गया, तो उसके खिलाफ सेवा नियमों के तहत गंभीर अनुशासनात्मक प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। इस कदम का मकसद कार्यसंस्कृति में पूर्ण जवाबदेही, अनुशासन और पारदर्शिता लाना है। इसके साथ ही प्रबंधन ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, सक्रियता और तत्परता से करने की सख्त ताकीद दी है। कंपनी का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति तंत्र अधिक मजबूत होगा और उपभोक्ताओं की शिकायतों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर हो सकेगा।

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