जबलपुर। विश्व हिंदू परिषद महाकौशल प्रांत की कटनी में 8 और 9 अगस्त को आयोजित 2 दिवसीय प्रांतीय बैठक में अनुशासनहीनता के मामले में बड़ा कदम उठाया गया है। संगठन विरोधी गतिविधियों और पद के दुरुपयोग की शिकायतों के आधार पर जबलपुर के प्रांत संपर्क प्रमुख पंकज श्रीवात्री, विभाग संयोजक व प्रांत सुरक्षा प्रमुख सुमित ठाकुर और जिला बल उपासना प्रमुख विराट ठाकुर को सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। इन तीनों को अब साधारण कार्यकर्ता का काम दिया गया है। इसके विपरीत बेहतर काम करने वाले जबलपुर के सह सेवा प्रमुख यतीन्द्र उपाध्याय को पदोन्नत करके प्रांत सेवा प्रमुख बनाया गया है। केंद्रीय मंत्री अजय पारिख, केंद्रीय सह संगठन मंत्री विनायक राव और प्रांत मंत्री उमेश मिश्रा की मौजूदगी में यह फैसला लिया गया।
अनैतिक दबाव बनाने पर हुई कार्रवाई
संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को लंबे समय से जबलपुर क्षेत्र के कुछ नेताओं की मनमानी की शिकायतें मिल रही थीं। सरकारी अधिकारियों ने नेतृत्व को लिखित व मौखिक जानकारी दी थी कि ये पदाधिकारी अपने पद का डर दिखाकर उन पर अनैतिक दबाव बना रहे थे। इसके अलावा जमीन से जुड़े निजी विवादों में भी संगठन के नाम का सहारा लेकर व्यक्तिगत स्वार्थ सिद्ध करने के मामले सामने आए थे। प्रांतीय टोली द्वारा कराई गई जांच में ये शिकायतें सच साबित हुईं। इसके बाद संगठन की गरिमा बचाने के लिए केंद्रीय और प्रांतीय नेतृत्व ने कड़ा फैसला लिया। तीनों नेताओं को पद से हटाकर साधारण कार्यकर्ता बना दिया गया। हटाए गए 3 पदों पर फिलहाल किसी नई नियुक्ति की घोषणा नहीं की गई है।
जबलपुर के यतीन्द्र को मिली पदोन्नति
सांगठनिक फेरबदल की इस प्रक्रिया में बेहतर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन भी दिया गया। जबलपुर में सह सेवा प्रमुख के रूप में बेहतरीन काम करने वाले यतीन्द्र उपाध्याय को पदोन्नत करके महाकौशल प्रांत के सेवा प्रमुख की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रांतीय बैठक में नए दायित्व को संभालने वाले यतीन्द्र उपाध्याय का अभिनंदन किया गया और उनसे संगठन के मूल उद्देश्यों के अनुरूप काम करने का आह्वान किया गया। नेतृत्व का मानना है कि जिन 3 पदों से पदाधिकारियों को हटाया गया है, वहां योग्य कार्यकर्ताओं की खोज के बाद ही आगामी समय में नई नियुक्तियां की जाएंगी। तब तक ये पद खाली रखे जाएंगे।
सामाजिक एकता और परिवार व्यवस्था पर मंथन
कटनी में आयोजित इस 2 दिवसीय मंथन शिविर के दौरान केवल सांगठनिक फैसले ही नहीं लिए गए, बल्कि कई वैचारिक विषयों पर भी गंभीर चर्चा हुई। बैठक में मौजूद केंद्रीय मंत्री अजय पारिख ने कुटुंब प्रबोधन विषय पर मार्गदर्शन देते हुए परिवार व्यवस्था को मजबूत करने और संस्कारों को बढ़ावा देने की बात कही। वहीं केंद्रीय सह संगठन मंत्री विनायक राव ने सामाजिक समरसता पर प्रकाश डालते हुए समाज में आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत बनाने का संदेश दिया। बैठक के अंतिम सत्र में सभी कार्यकर्ताओं ने दिवंगत नेता अशोक सिंहल के जन्मशती वर्ष पर प्रस्तावित कार्यक्रमों को भव्य बनाने और संगठन विस्तार का संकल्प लिया।
