जबलपुर। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चेयरमैन विशेष गढ़पाले और प्रबंध संचालक अजय गुप्ता ने जबलपुर ग्रामीण क्षेत्र के बरगी अंतर्गत आरडीएसएस योजना में बने नए निगरी सब स्टेशन, मानेगांव वितरण केंद्र तथा 1912 निदान कॉल सेंटर का जमीनी स्तर पर औचक निरीक्षण किया। शासन के निर्देशानुसार दफ्तरों से निकलकर सीधे फील्ड में पहुंचे दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था, उपभोक्ता सेवा प्रणाली और जनसमस्याओं के समाधान की बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्यालयीन औपचारिकताएं छोड़कर आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करने तथा उनकी बिजली से जुड़ी शिकायतों का त्वरित व संतोषजनक निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए।
शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान पर जोर दिया
मानेगांव वितरण केंद्र पर निरीक्षण करते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन और 1912 से आने वाली शिकायतों का केवल कागजी या रस्मी निराकरण न किया जाए। जनता की समस्याओं का जमीनी और संतोषजनक हल निकलना चाहिए। चेयरमैन विशेष गढ़पाले ने निर्देश जारी किए कि प्रत्येक कार्यपालन अभियंता को अपने प्रभार वाले प्रत्येक वितरण केंद्र पर 3 माह में कम से कम 1 पूरा दिन अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। इस दौरान वे वितरण केंद्र के कामकाज, आपूर्ति की स्थिति और राजस्व की समीक्षा करेंगे। साथ ही उपभोक्ताओं से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनकर मौके पर ही आवश्यक समाधान सुनिश्चित करेंगे।
तकनीक से काल सेंटर का भार घटाएंगे
1912 निदान कॉल सेंटर की समीक्षा के दौरान आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष बल दिया गया। कॉल सेंटर पर आने वाले फोन के अत्यधिक दबाव को कम करने के लिए इन-हाउस आईवीआर प्रणाली विकसित करने को कहा गया। इससे सामान्य पूछताछ और बार-बार पूछे जाने वाले सवालों का समाधान तुरंत हो सकेगा, जिससे कॉल सेंटर पर कॉल्स का भार लगभग 20 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त चैटबॉट और वॉयसबॉट जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने के निर्देश दिए गए, ताकि उपभोक्ताओं को डिजिटल माध्यम से तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
डेटा विश्लेषण से दूर होगी बिजली समस्या
चेयरमैन विशेष गढ़पाले ने निर्देश दिया कि बिजली कटौती और योजनाबद्ध शटडाउन से संबंधित सभी जानकारियां सीआरएम पोर्टल पर तत्काल दर्ज की जाएं। इससे 1912 पर कॉल करने वाले उपभोक्ताओं को कॉल सेंटर एजेंट द्वारा सटीक और सही समय पर जानकारी मिल सकेगी। साथ ही 1912 पर प्राप्त शिकायतों के डेटा और पैटर्न का नियमित विश्लेषण कर संबंधित मैदानी कार्यालयों को भेजा जाएगा। यदि किसी विशेष फीडर या क्षेत्र से बार-बार एक ही तरह की खराबी सामने आती है, तो मेंटेनेंस अमला वहां तत्काल स्थायी सुधार करेगा। इस निरीक्षण कार्यक्रम में मोहम्मद आरिफ कुरैशी महाप्रबंधक मानव संसाधन एवं प्रशासन, प्रशांत गुप्ता मुख्य महाप्रबंधक आईटी, अरविंद सक्सेना अधीक्षण अभियंता कंप्यूटर पद्धति एवं संचालन, रवितोष कुमार उप महाप्रबंधक निदान, एस.के. गिरिया मुख्य अभियंता जबलपुर क्षेत्र, खुशियाल शिववंशी अधीक्षण अभियंता ग्रामीण जबलपुर और अल्पा ठाकुर कार्यपालन अभियंता सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

